चंडीगढ़। पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब की पांच रेल परियोजनाओं के लंबित होने पर चिंता जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पत्र लिखकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज करने का आग्रह किया है। बिट्टू ने मुख्य सचिव और संबंधित उपायुक्तों को चेतावनी दी है कि 3,725 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद देरी का जवाब देना होगा।
इन परियोजनाओं में फिरोजपुर पट्टी नई रेल लाइन, राजपुरा-मोहाली लाइन और नांगल बांध-तलवाड़ा मुकेरियां लाइन शामिल हैं। रमन मंडी-साड्डा सिंहवाला लाइन और रोड ओवर ब्रिज परियोजनाएं भी लंबित हैं। बिट्टू ने कहा कि ये परियोजनाएं केवल रेल संपर्क नहीं बढ़ाएंगी बल्कि ये पंजाब में आर्थिक गतिविधियों और धार्मिक, विरासत व सांस्कृतिक पर्यटन के लिए भी अहम हैं।
उन्होंने पहले भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा। बिट्टू ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को अब कार्रवाई करनी होगी। केवल बैठकें करने और फाइलें आगे बढ़ाने से काम नहीं चलेगा। पंजाब के लोग दशकों से इन परियोजनाओं का इंतजार कर रहे हैं।
कादियां-ब्यास रेलवे लाइन को मंजूरी :
बिट्टू ने बताया कि कादियां-ब्यास रेलवे लाइन के लिए 1,419 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। पंजाब सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि विभागीय मंजूरी के अभाव में यह परियोजना भी न अटके। इससे कादियां, गुरदासपुर, बटाला और ब्यास के लिए रेल संपर्क बढ़ेगा। इस रेल लाइन का मार्ग कादियां, ढपई, घुमान, बुटाला और ब्यास से होकर गुजरेगा।
माझा क्षेत्र को लाभ :
इस परियोजना से माझा क्षेत्र के कई कम रेल संपर्क वाले इलाके रेलवे से जुड़ जाएंगे। लोगों, कृषि उपज, व्यापारियों, विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक आसान होगी। इससे माझा क्षेत्र के कस्बों और गांवों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत होंगे। बिट्टू ने कहा कि इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में अब और देरी नहीं की जा सकती।