हत्या मामले में मनीमाजरा निवासी प्रीत उर्फ माडू, हरजीत, गुरप्रीत और सूरज समेत पांच दोषियों को जिला अदालत ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांचों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 25 फरवरी को सभी आरोपियों को दोषी करार दिया गया था।
मामला 15 अगस्त, 2017 का है। मनीमाजरा निवासी सतनाम सिंह की शिकायत पर पुलिस ने पांचों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने शिकायत में कहा था कि वह ऑटो चलाता है। वारदात के दिन वह मनीमाजरा निवासी अपने जानकार धर्म सिंह के साथ बात कर रहा था। इस दौरान गुरप्रीत अपने साथियों के साथ आया और दोनों पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया।
सूरज ने धर्म सिंह के सिर पर तेजधार हथियार से वार किया, जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया। दोनों ने आरोपियों से बचने के लिए भागने की कोशिश की लेकिन आरोपियों ने उनको मारते हुए कहा कि वह उन्हें जान से मार देंगे। शोर सुनकर पड़ोसियों के घरों से बाहर निकलने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
उसके बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने धर्म सिंह को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों पर हत्या की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। बचाव पक्ष के वकील यादविंदर संधू ने तर्क दिया कि आरोपियों को मामले में झूठा फंसाया गया है। अदालत ने दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद पांचों आरोपियों को दोषी मानकर शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई।