पंचकूला। सिंचाई विभाग के सेक्टर-5 स्थित सिंचाई भवन में दमकल कर्मचारियों की यूनियन की नवनिर्वाचित राज्य कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में वर्ष 2019 के बाद से दमकल कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं का समाधान न होने पर गहरा रोष जताया गया। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मांगें लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इसी के चलते 10 जनवरी को सफाई कर्मचारियों और दमकल कर्मियों की संयुक्त बैठक की गई थी, जिसमें कच्चे कर्मचारियों को सर्विस सिक्योरिटी पोर्टल पर ओटीपी से जुड़ी दिक्कतों को दूर कर 58 वर्ष तक नौकरी की सुरक्षा देने, कच्चे कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2025 के कोर्ट के फैसले के अनुसार नियमित करने और 15 सूत्रीय मांगपत्र के समाधान पर चर्चा की गई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि यदि इन मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि मांगों का समाधान न होने की स्थिति में प्रदेश भर के दमकल कर्मचारी 18 फरवरी को पंचकूला स्थित अग्निशमन मुख्यालय पर काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले 4 और 5 फरवरी को सभी जिलों के मुख्य दमकल केंद्रों पर गेट मीटिंग कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
राज्य कमेटी की ओर से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, हरियाणा सरकार चंडीगढ़ तथा आपातकालीन सेवाएं पंचकूला के नाम महानिदेशक निदेशालय पंचकूला को 18 फरवरी को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का नोटिस सौंपा गया। इसकी जानकारी राजिंदर सिन्द ने दी।
बैठक में सत्यवान पानू, संतोष कुमार, रिंकू कुमार, समे सिंह, गुरमेल, रणदीप सिंह, आनंद, रामपाल, राजेश खीचड़, संदीप त्यागी, मंजीत सिंह, धर्मबीर और रमेश पहल सहित कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।