-वातावरण प्रदूषण के कारण सांस की बीमारी वाले रोगियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी
-दीपावली पर्व की आड़ में कई जगह पर पराली भी जलाई गई
बरवाला। कस्बे के बाजार में ही दुकानों पर खुलेआम बिना लाइसेंस व बिना सुरक्षा मानकों के नियमों को ताक पर रखकर पटाखों की बिक्री की गई।
दीपावली के पर्व पर प्रदूषण रहित दिवाली मानने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी की थी। प्रशासन की ओर से ग्रीन पटाखों की बिक्री करने के लिए बरवाला में केवल दो दुकानदारों को लाइसेंस दिए गए थे और पटाखों की बिक्री के लिए कस्बे के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान को निर्धारित किया गया था। लेकिन बरवाला में जिला प्रशासन के सुरक्षा मानकों की जमकर अनदेखी की गई। कस्बे के बाजार में ही दुकानों पर खुलेआम बिना लाइसेंस व बिना सुरक्षा मानकों के नियमों को ताक पर रखकर पटाखों की बिक्री की गई।
जिला प्रशासन की ओर से रात को 8 बजे से 10 तक तक पटाखें जलाने का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन यहां पर रात को 12 से 1 बजे तक जमकर पटाखे जलाए गए। पटाखे जलाने से वातावरण भी प्रदूषित हुआ जिस कारण सांस की बीमारी वाले रोगियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
स्थानीय पुलिस व जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी उनकी ओर से न तो पटाखा स्टालों का निरीक्षण किया गया और न ही उल्लंघन करने वालों के प्रति किसी भी तरह की कोई कार्रवाई की गई। इतना ही नहीं दीपावली पर्व की आड़ में कई जगह पर पराली भी जलाई गई। संबंधित विभाग की ओर से भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।