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Panchkula News: सिविल अस्पताल की बिल्डिंग में नहीं लगे फायर स्प्रिंकलर, एक साल से फायर एनओसी भी नहीं मिली

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पंचकूला। सिविल अस्पताल सेक्टर-6 का ब्लॉक-डी बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहा है। अग्निशमन विभाग की ओर से अस्पताल की बिल्डिंग में फायर स्प्रिंकलर नहीं लगे होने के कारण एक साल से एनओसी नहीं मिली है। इस तरह की हालत में अगर कोई दुर्घटना हो जाए तो लोगों की जान जोखिम में आने का अंदेशा बना रहेगा।
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शहर के सिविल अस्पताल में आगजनी की घटना से निपटने के लिए पाइपलाइन रील तो है, लेकिन वह सिर्फ नाम मात्र की हैं, छोटे उपकरणों की भी कमी है। सिविल अस्पताल के ब्लॉक-डी में इमरजेेंसी वार्ड, बच्चों का वार्ड, महिला वार्ड, निक्कू वार्ड, बच्चों का आईसीयू वार्ड भी यहां पर चल रहा है। इसके बाद फायर के लिए लगे सभी उपकरण पूरे नहीं हैं। इसके लिए अधिकारी बजट पास होने की बात कह रहे हैं। लेकिन अभी तक एक साल से इसका काम पूरा नहीं हो पाया है। इस काम को अस्पताल, पीडब्ल्यूडी विभाग को पूरा करवाना है। इसके लिए अभी हाल ही में बजट पास हुआ है। इसके सभी काम को पूरा करने के लिए दस करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। इसके बाद भी अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है।
ये काम छोड़ रखे हैं अधूरे
सिविल अस्पताल के ब्लॉक-डी में अग्निशमन टीम ने बताया कि रील स्प्रिंकलर, डिटेक्टर, पंप पानी अस्पताल में कुछ नहीं है। ऐसे में एनओसी मिलने का भी सवाल नहीं उठता है। बच्चा वार्ड में भी पाइपलाइन रील लगी हुई है, जबकि पूरे अस्पताल में आग बुझाने के उपकरण लगे हैं लेकिन वह काम नहीं कर रहे। इस तरह के हालात में एनओसी नहीं दी जा सकती है। सिविल अस्पताल के बच्चा वार्ड से लेकर अन्य वार्डों में भीड़ रहती है, ऐसे में आग बुझाने के लिए अस्पताल के इंतजामों पर सवाल उठ गए हैं।
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कोट
आग बुझाने के लिए उपकरण लगे हैं, लेकिन अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने जांच के बाद उपकरण में बदलाव करने की बात कही है। जो भी कमियां होंगी, उनको पूरा करने के लिए बजट पास किया गया है। पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से जल्द काम पूरा किया जाएगा, जिससे फायर एनओसी की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके। -आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6
कोट -
सिविल अस्पताल में आग बुझाने के संसाधन नाममात्र के हैं, सिर्फ दिखावे के लिए उपकरण लगाए गए हैं। ऐसे में आग की घटना हुई तो वो अग्निशमन विभाग के ऊपर ही निर्भर होगा। अस्पताल में रील स्प्रिंकल, डिटेक्टर, पानी पंप सहित बहुत सारे उपकरणों की कमी है। काम पूरा करने के बाद निरीक्षण में अगर में डी ब्लॉक की बिल्डिंग ठीक होगी, तभी एनओसी दी जाएगी। -तरसेम सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, पंचकूला
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