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Panchkula News: खड़े कंटेनर में लगी आग, दस टन की दवाइयां राख

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पंचकूला इंडस्ट्रियल एरिया में दवाइयां से भरे कंटेनर में लगी आग के बाद जली हुई दवाइयां मौके पर क
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माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 स्थित प्लॉट नंबर-90 के सामने खड़ी दिल्ली-चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट कंपनी की दवाओं से भरे एक कंटेनर में आग लग गई। शुक्रवार सुबह आग की लपटें देखकर आसपास काम करने वाले कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। जहां आग लगने की घटना हुई थी, वहां करीब 10 सीएनजी के कंटेनर और ट्रक खड़े थे। जिस कंटेनर में आग लगी थी, वह भी सीएनजी थी। आग लगने की इस घटना में करीब 34 लाख रुपये की दस टन की दवाइयां जलकर राख हो गईं।
देखते ही देखते किसी ने मामले की जानकारी कंपनी के मालिक राजू गुप्ता को दी। राजू ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को कॉल कर मौके पर बुलाया। महज 15 मिनट के भीतर दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस के मुलाजिम भी पहुंच गए थे। फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। इस बीच करीब 90 फीसदी दवाएं जलकर राख हो गईं। कुछ दवाएं बच गईं, लेकिन वह भी किसी काम की नहीं हैं। गनीमत यह रही कि कंटेनर का सीएनजी लॉक था, नहीं तो वहां खड़े दस से ज्यादा कंटेनरों सहित आसपास की कंपनियों को आग अपने गिरफ्त में ले लेता और ज्यादा नुकसान हो जाता। इस आगजनी का कारण पता नहीं चल पाया है, कि पटाखों के चिंगारी से आग लगी है या फिर किसी शरारती तत्व ने आग लगाई है।
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दरअसल दिल्ली-चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट कंपनी के कंटेनर में करीब 118 कंपनियों की दवाइयां वीरवार की शाम को लोड कर दी गई थी। कंपनी ने मालिक राजू गुप्ता ने बताया कि दीपावली के चलते सभी ड्राइवर छुट्टी पर थे। इसलिए दवाओं का खेप शनिवार की शाम तक रवाना किया जाना था। इस बीच शुक्रवार की अल सुबह अचानक कंटेनर में आग लग गई। उन्होंने बताया कि पंचकूला से कानपुर कंपनी के वेयर हाउसों तक दवाइयों की खेप भेजी जानी थी। वहां से उत्तर-प्रदेश के अलग-अलग जिलों की सप्लाई होनी थी। राजू ने बताया कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे कुछ कर्मचारियों की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि कंटेनर आग की लपटों में घिरा हुआ है। जब तक वे लोग कुछ कर पाते तब तक सब कुछ खाक हो चुका था।


कंटेनर और दवाओं सहित 34 लाख का नुकसान
दिल्ली-चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक राजू गुप्ता ने बताया कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे आल लगने की सूचना मिली थी। तब तक लगभग 34 लाख रुपये की दस टन की दवाइयां जलकर राख हो गईं थीं। दस टन करीब 650 दवाओं का बॉक्स सप्लाई के लिए भेजना था, दवाओं की लोडिंग भी हो चुकी थी। ड्राइवर छुट्टी पर थे, इस कारण शनिवार को सप्लाई यहां से रवाना किया जाना था, इससे पहले आग लग गई और सब कुछ जलकर राख हो गया।
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औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 स्थित प्लॉट नंबर-90 के सामने खाली ग्राउंड में दिल्ली-चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट कंपनी की दवाओं से भरे एक कंटेनर में आग लग गई थी। शुक्रवार की अल सुबह आग लगने की सूचना मिली। तीन गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। -तरसेम, फायर ऑफिसर, दमकल विभाग पंचकूला।
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