चंडीगढ़। 14 साल की नाबालिग लड़की के कथित पति (लड़की के नाबालिग होने के कारण शादी वैध नहीं) द्वारा चाइल्ड होम से अपहरण होने और पुलिस की ओर से उसे अभी तक ढूंढ नहीं पाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि अगली सुनवाई पर नाबालिग नहीं पेश की गई तो एसपी और एसएचओ को खुद पेश होना होगा।
मेवात निवासी एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट को बताया कि उसकी 14 साल की लड़की को एक लड़का फुसला कर ले गया है। उन्होंने अपनी आयु को छिपा कर हाईकोर्ट में सुरक्षा के लिए याचिका दाखिल की थी। अपनी आयु को बढ़ाया हुआ दिखाने के लिए उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया था। हाईकोर्ट के आदेश पर जब लड़की को पेश किया गया तो उसने बताया कि उसकी आयु 19 साल है। उसने कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से लड़के के साथ रह रही है। हाईकोर्ट ने प्रेमी जोड़े की सुरक्षा याचिका से संलग्न दस्तावेजों की जांच की तो पाया कि ये फर्जी हैं। इसके बाद लड़की पिता के साथ जाने को तैयार नहीं थी और हरियाणा सरकार ने कहा कि इसकी कस्टडी बाल विवाह कानून के तहत नाबालिग लड़की के कथित पति नहीं दी जा सकती।
लड़की की जिद के चलते हाईकोर्ट ने उसे सरकारी खर्च पर चाइल्ड होम में रखने का आदेश दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट को बताया गया कि लड़का उस नाबालिग लड़की को भगा कर ले गया है और लड़के पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया है। हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया था कि लड़की को कोर्ट में पेश किया जाए, लेकिन पुलिस ऐसा करने में नाकाम रही। इसपर अब हाईकोर्ट ने हर हाल में लड़की को हाईकोर्ट में पेश करने तथा ऐसा करने में विफल रहने पर नूंह के एसपी व एसएचओ को पेश होने का आदेश दिया है।