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Panchkula News: तीन साल से सीएलयू के फेर में फंसा फिल्म सिटी प्रोजेक्ट

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पिंजौर सेक्टर-29 एचएमटी की जमीन पर बनाई जानी है फिल्म सिटी
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रेजिडेंशियल, कॉमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल प्रोजेक्ट के लिए सरकार से लेनी होगी अनुमति
माई सिटी रिपोर्टर

पंचकूला। पिंजौर एचएमटी के सेक्टर-29 में 60 एकड़ में बनने वाला प्रदेश का पहला फिल्म सिटी प्रोजेक्ट तीन साल से सीएलयू के चक्कर में फंस गया है। प्रोजेक्ट की फाइल 2022 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को भेजी थी। एमसी के अधिकार क्षेत्र में आने के कारण प्रोजेक्ट की फाइल मंजूरी के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने साल 2023 में स्थानीय शहरी निकाय विभाग को भेजी थी। वर्तमान में फाइल स्थानीय शहरी निकाय विभाग कार्यालय में लैंड यूज चेंज के मद्देनजर होल्ड है। प्रदेश सरकार से अनुमति के बाद ही प्रोजेक्ट आगे बढ़ पाएगा।
इस संबंध में प्लानिंग स्तर के यूएलबी के वरिष्ठ अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। दरअसल पिंजौर के सेक्टर-29 एचएमटी की जमीन पर जहां फिल्म सिटी बनाई जानी है, वह जमीन इंडस्ट्री के लिए है। इस जमीन पर रेजिडेंशियल, कॉमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार से अनुमति लेनी होगी। जब तक प्रोजेक्ट के लिए सरकार अनुमति नहीं देगी, तब तक प्रोजेक्ट के विकास से जुड़ा एक भी काम नहीं हो सकता। एचएसवीपी के एक्सईएन एनके पायल ने बताया कि तीन साल पहले प्रोजेक्ट की फाइल टाउंड एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को भेजी थी।
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प्रोजेक्ट सिरे चढ़ा तो मिनी बॉलीवुड के नाम से जाना जाएगा
पिंजौर की फिल्म सिटी तीन किलोमीटर के दायरे में तीन नेशनल हाईवे से जुड़ी होगी। इनमें पंचकूला-शिमला हाईवे, पिंजौर-बद्दी, पिंजौर बाईपास (सूरजपुर से बद्दी) इसके अलावा फिल्म सिटी के नजदीक रेलवे लाइन, हिल एरिया भी है, जो शूटिंग के लिहाज से बेहतर साबित होगा। अभी आधुनिक स्टूडियो का अभाव यहां सबसे अधिक है। जरूरी नहीं है कि फिल्म के सभी दृश्य खुली वादियों में ही फिल्माए जा सकते हैं, कुछ दृश्यों को स्टूडियो में भी फिल्माया जाता है, जिसके लिए पूरी यूनिट को मुंबई लौटना पड़ता है। यह सुविधा पंचकूला जिले के पिंजौर स्थित फिल्म सिटी में मिलेगी तो हरियाणा मिनी बॉलीवुड के नाम से जाना जाने लगेगा

डेवलपर की दिलचस्पी के बाद भी धरातल पर नहीं उतरा प्रोजेक्ट

पीपीपी के तहत 60 एकड़ में बनने वाली फिल्म सिटी के लिए डेवलपर भी दिलचस्पी दिखाने लगे थे। विभाग ने प्रोजेक्ट के लिए कंसलटेंट भी नियुक्त कर लिया था। इस बीच डेवलपरों ने भी कई बार साइट का निरीक्षण किया। प्रोजेक्ट का नक्शा भी तैयार हो चुका था, लेकिन बीच में लैंड यूज चेंज के अड़ंगा लगने से प्रोजेक्ट आज तक रफ्तार नहीं पकड़ पाया। इसकी फाइल आज भी यूएलबी के वरिष्ठ अधिकारियों की टेबल पर धूल फांक रही है। इस प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से हरियाणा के कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। वहीं हिमाचल, पिंजौर व मोरनी की वादियों को कैमरे में कैद करने की चाह रखने वाले बॉलीवुड के निर्देशकों की पहली पसंद भी पिंजौर फिल्म सिटी बनेगा। यहां पॉलीवुड, बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड की फिल्में भी पंचकूला में न सिर्फ शूट की जा सकेंगी, बल्कि उनकी एडिटिंग का इंतजाम भी यहां होगा।

फिल्म सिटी में सुविधाएं

इन और आउटडोर स्टूडियो, रेलवे स्टेशन सेटअप, मंदिर और अस्पताल का सेटअप, सेंट्रल प्लाजा, गांव का सेट, प्राइवेट बोट सेट, रिकॉर्डिंग थिएटर, फोटोग्राफी स्टूडियो, पार्क, रेजिडेंशियल अपार्टमेंट, फाइव स्टार होटल, ऑडिटोरियम।
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कोट
तीन साल पहले प्रोजेक्ट की फाइल टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को भेजी थी। अभी तक इस पर सीएलयू न हो पाने के कारण फिल्म सिटी प्रोजेक्ट तेज गति से नहीं बढ़ पाया है। अभी इसे शुरू होने में समय लग रहा है।
-एनके पायल, एक्सईएसन, एचएसवीपी
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