माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर सिविल अस्पताल के सीएमओ ऑफिस में मंगलवार को रिव्यू मीटिंग हुई। मीटिंग में कहा गया कि डेंगू के मरीजों का इलाज हरियाणा सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सरकारी और निजी अस्पतालों में किया जाना चाहिए। सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने बैठक में प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सकों को निर्देश देकर कहा कि अगर किसी भी अस्पताल में अधिक फीस ली गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। डेंगू की जांच का रेट 600 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा चिकनगुनिया का आरटीपी टेस्ट के लिए एक हजार रुपये निर्धारित किया गया है। अगर किसी ने इसका उल्लंघन किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने गवर्नमेंट अस्पताल के डॉक्टरों को भी उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि आने वाले मरीजों का इलाज ठीक तरीके से किया जाए। किसी प्रकार की कोई खामी नहीं हो। इसके साथ ही लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया जाए। इसके लिए डोर टू डोर सर्वे जारी रखा जाए। इस मौके पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुरेश भोसले, डॉ. गोपाल भारद्वाज, अलकेमिस्ट अस्पताल, पारस, ओजस अस्पताल के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल की सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार, पीएमओ डॉ. उमेश मोदी सहित प्राइवेट अस्पताल चिकित्सक और ब्लड बैंक प्रभारी मौजूद रहे।
मरीजों के घर में करवाई गई फॉगिंग
सोमवार को डेंगू के 12 नए मामले सामने आने पर विभाग की ओर से मंगलवार को उनके घरों पर टीम पहुंची। टीम ने घरों में लारवा चेक किया। इसके साथ ही पानी जमा नहीं करने की सलाह दी। इसके साथ ही लोगों को डेंगू से बचाव के लिए लोगों के घरों में फॉगिंग की गई है।
डेंगू से बचाव के लिए प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों और चिकित्सकों के साथ मीटिंग की गई है। अगर किसी ने नियमों का उल्लंघन किया तो अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6