संवाद न्यूज एजेंसी
खडूर साहिब। कस्बा फतेहबाद में मंगलवार को मजदूर परिवार से संबंधित प्रताप सिंह की नशे के टीके ने जान ले ली। तीन बच्चों के पिता प्रताप सिंह के स्वजनों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में नशा लगातार बढ़ रहा है। पुलिस सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बनी है।
प्रताप सिंह के बड़े भाई ने बताया कि उसके भाई के तीन बच्चे हैं। कुछ समय पहले वह गलत संगत में पड़ गया, इससे नशे का आदी हो गया। मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाने वाले प्रताप सिंह ने कुछ दिन पहले गुप्तांग के पास नशे का टीका लगाया, जिसके बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी। उसको इलाज के लिए पहले तरनतारन, फिर अमृतसर के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन डाॅक्टरों ने प्रताप सिंह को पीजीआई चंडीगढ़ ले जाने का सुझाव दिया। बाद दोपहर प्रताप सिंह को वापस घर लाया गया, जिस दौरान उसकी मौत हो गई।
प्रताप सिंह की पत्नी कुलविंदर कौर ने कहा कि उनके मोहल्ले में दिन के समय सरेआम चिट्टा बिकता है। चिट्टा बेचने वाली मंडली ने सप्ताह में अपने-अपने दिन पक्के कर रखे हैं। सोमवार से बुधवार, वीरवार से शनिवार दो विभिन्न गुट नशा बेचते हैं। जबकि रविवार को कस्बे से बाहर से आए लोग सरेआम चिट्टा बेचते हैं। उधर, थाना गोइंदवाल साहिब के मुखी प्रभजीत सिंह कहते है कि परिवार के पास ड्यूटी अधिकारी को बयान दर्ज करने लिए भेजा था, लेकिन उन्होंने कानूनी कार्रवाई से मना कर दिया है। मौत नशे के टीके से हुई या कोई और कारण था इस बाबत कुछ कहना ठीक नहीं।