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आयोजन : सरकार ने गोवंश संरक्षण के लिए अनेक कदम उठाए हैं: स्पीकर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने जन्माष्टमी पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित किया

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पंचकूला। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने गोवंश के संरक्षण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। सरकार द्वारा हरियाणा गो संरक्षण एवं गो संवर्द्धन एक्ट 2015 पारित किया है, इसके अंतर्गत गोवंश की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की गई और उल्लंघन कर्ताओं के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान किया गया। उक्त शब्द हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहे। वह शनिवार को सेक्टर-3 में जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर गोसेवा पर आधारित जन्माष्टमी द धर्मा कॉन्क्लेव में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
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गुप्ता ने कहा कि जब से केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से देश में गोवंश की रक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। गाय के गोबर का प्रयोग कीटनाशक के रूप में भी किया जाता है। इसके अलावा गाय के गोबर से अगरबत्ती बनाने के साथ लकड़ी के स्थान पर अंत्येष्ठि व हवन में भी कर सकते हैं। ऐसा करने से पेड़ कम कटेंगे व पर्यावरण स्वच्छ रहेगा। इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग, श्यामलाल बंसल, भाजपा प्रवक्ता रंजीता मेहता मौजूद रहे।
गो दूध आधारित उत्पादों का अधिक प्रयोग करें
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि गाय मानव संस्कृति का अभिन्न अंग है। गो दूध आधारित उत्पादों का दैनिक जीवन में अधिक से अधिक प्रयोग हो सके। खेतों में गोबर खाद का प्रयोग करके पैदावार के साथ भूमि की उर्वरक शक्ति को भी बढ़ाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जिसे आधुनिक तकनीक से गो पालन व पशु पालन करके पूरा करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में काऊ प्रोटेक्शन टास्क फोर्स का गठन किया है।
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सरकार ने गो संरक्षण की दिशा में किए बेहतर प्रयास
महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि हरियाणा का पवित्र ग्रंथ भगवतगीता के साथ गहरा संबंध है। वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश में गो सेवा की दृष्टि से बेहतर प्रयास किए हैं। यदपि इस दिशा में और प्रयास करने की आवश्यकता है। गोवंश के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए गोशालाएं आवश्यक हैं, लेकिन यह एकमात्र समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि गोशालाओं के साथ लोगों को गो सेवा के भाव के साथ जुड़ना होगा। गाय के गोबर का प्रयोग पूजा के अनुष्ठानों में किया जाता है, इससे इस बात की प्रमाणिकता सिद्ध होती है कि जब गाय का मल ही इतना पवित्र है तो गाय कितनी पवित्र होगी।
आने वाला समय भारतीय देसी गोवंश का होगा
गो सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने कहा कि हरियाणा ही नहीं भारतवर्ष में आने वाले वर्षों में सिर्फ भारतीय गोवंश होगा। विदेशी नस्ल के गोवंश के लिए भारतीय जलवायु अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि विदेशी गाय का दूध मनुष्य के लिए हानिकारक है। यह कैंसर का एक बड़ा कारक भी बताया जाता है। विदेशी गाय जल्द ही अनुपयोगी हो जाती है। यही कारण है कि सड़कों पर बेसहारा गोवंश की समस्या है। जबकि, भारतीय देसी गाय बहुत लंबे अर्से तक दूध देती है।
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