पंचकूला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक पवन जिंदल ने कामधेनु गोशाला सेवा सदन पिंजौर में हरियाणा गोवंश अनुसंधान केंद्र के प्रकल्प का शुभारंभ किया। इस केंद्र में वे मुख्य संरक्षक के रूप में काम करेंगे। इस गोवंध अनुसंधान केंद्र की स्थापना हरियाणा गो सेवा आयोग द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि गाय के दूध के साथ गाय का गोबर भी आमदनी का बेहतर आधार है। गाय के गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद, जैविक कीटनाशक जैसे अनेकों उत्पाद बनाएं जा रहे हैं।
इसके लिए आयोग प्रशिक्षण करवा कर प्रदेश में भी ऐसे ही और प्रकल्प शुरू करे, जिससे पशुपालकों और गोशालाओं को लाभ हो। इस केंद्र को आर्थिक सहयोग पुरुषोत्तम दास रुंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट पंचकूला द्वारा किया जाएगा। इस ट्रस्ट के ट्रस्टी संजय रुंगटा ने जानकारी दी कि उनका ट्रस्ट इस गोवंश अनुसंधान केंद्र को स्थापित करने के लिए मशीनों एवं अन्य संसाधनों से आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा। आयोग के सचिव डॉ चिरंतन कादयान ने बताया कि आयोग प्रदेश की गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि हरियाणा गो अनुसंधान केंद्र में गोमूत्र से प्राकृतिक फिनाइल और गाय के गोबर से ईट बनाने का कार्य शुरू हो चुका है। इनकी मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में जांच भी करवाई जा रही है।
गोशाला के वरिष्ठ उपप्रधान नवराज राय धीर ने बताया कि उनकी गोशाला में स्थापित इस गोवंश अनुसंधान केंद्र के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इसके सेवानिवृत्त मेजर जनरल नवनीत कुमार वशिष्ठ प्रधान होंगे। अंबाला विभाग संघचालक रमाकांत भारद्वाज, उद्योगपति समाजसेवी भारत भूषण बंसल और आयोग से डॉ. अश्वनी कुमार सहित गोशाला समिति, अन्य गणमान्य गो सेवा से जुड़े लोेग भी उपस्थित रहे।