पंचकूला। सीनियर सिटीजन काउंसिल पंचकूला के प्रधान आरपी मल्होत्रा ने केंद्रीय वित्तमंत्री को ज्ञापन सौंपकर देश की आर्थिक स्थिति सुधारने के सुझाव दिए हैं। मल्होत्रा ने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन को सौंपे ज्ञापन में कहा कि रियल एस्टेट दूसरा सबसे बड़ा रोजगार सृजन क्षेत्र है। रियल एस्टेट क्षेत्र में विकास बहु-स्तरीय कराधान से प्रभावित हैं। संपत्ति की खरीद पर जीएसटी, किराए पर जीएसटी, संपत्ति कर और सबसे तर्कहीन, स्टांप शुल्क जैसे कर क्षेत्र के विकास की राह में बड़ी बाधा है। स्टांप शुल्क की तर्कहीन दर 10 प्रतिशत जितनी अधिक, काले धन के सृजन का एक प्रमुख निहितार्थ है।
कलेक्टर दरों और संपत्ति की प्रचलित बाजार दरों के बीच एक व्यापक अंतर है। प्रक्रिया विक्रेता और खरीदार को बड़ी मात्रा में बेहिसाब काला धन का लेनदेन करने के लिए मजबूर करती है। आरपी मल्होत्रा ने कहा कि बाजपेयी सरकार के दौरान शुरू हुए एक बड़े नागरिक सुधार में शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत स्टांप शुल्क को युक्तिसंगत बनाना सबसे प्रमुख एजेंडा था। मूल्य वृद्धि पर काले धन का बहुत प्रभाव पड़ता है। दो स्तरीय जीएसटी को युक्तिसंगत बनाने के अलावा, स्टांप शुल्क को अधिकतम ऊपरी सीमा के साथ 2-3 प्रतिशत तक युक्तिसंगत माना जा सकता है। ईंधन की कीमतों का मूल्य सूचकांक पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जबकि ईंधन की कीमतों में केंद्रीय कर, वैट और उत्पाद शुल्क का बड़ा प्रतिशत होता है। देश में श्रम कानून अप्रचलित है और देश की समग्र अर्थव्यवस्था पर इसका बहुत प्रभाव पड़ता है।
बैंक ब्याज दरों में गिरावट के साथ वरिष्ठ नागरिकों का एक वर्ग दुविधा में है। असंगठित क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक जिनके पास अपने बुढ़ापे के लिए अल्प बचत है, क्योंकि उनके पास अपनी मूल राशि खर्च करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। क्योंकि उनकी बचत से ब्याज गुजारे के लिए पर्याप्त नहीं है। 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए किसी भी बीमा कंपनी की कोई स्वास्थ्य पॉलिसी नहीं है। मेडिकल इमरजेंसी एक लटकती तलवार की तरह है, जिसमें बुजुर्ग का एकमात्र सहारा लगातार घटते फंड होते हैं। बुजुर्गों के लिए सुरक्षित जमा योजना लाने के अलावा 60 साल से ऊपर की पूरी आबादी को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाने की जरूरत है।