माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। बैक और नी इंजरी के बाद भी जज्बा, जुनून व मेहनत की बदौलत 87 के उम्र में भी जीएस सौंखला खेल के मैदान में पांव जमाए हुए हैं और तमाम खेल प्रेमियों के लिए प्रेरणा हैं। सौंखला ने 8 से 12 नवंबर तक फिलीपींस में 20 सेकेंड एशियन मास्टर्स एथलेटिक चैंपियनशिप में छह पदक जीते हैं। इनमें तीन स्वर्ण और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। सौंखला ने बताया कि 1500 मीटर दौड़, 4×100 मीटर और 400×100 मीटर रिले रेस में स्वर्ण पदक और 200, 400, जेवलिन थ्रो में कांस्य पदक हासिल किया है।
अब तक वे 3 बार एशियन एथलेटिक्स मास्टर्स चैंपियनशिप और 2 वार वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप खेलने विदेश जा चुके हैं। इसी साल फरवरी में नेशनल चैंपियनशिप में पांच स्वर्ण पदक जीतने के बाद जीएस सौंखला को एथलीट ऑफ इयर के खिताब से नवाजा गया था।
एक बार हिम्मत टूटी, व्यायाम और अच्छी डाइट ने खेल के मैदान में उतारा
पंचकूला निवासी जीएस सौंखला ने बताया बैक इंजरी के दौरान उन्हें बहुत दुख हुआ कि शायद वे कभी खेल के मैदान में उतर न पाएं। वह हार मानने को तैयार नहीं थे। डॉक्टर ने उनका उपचार किया और वह चलने लायक हुए तो उन्होंने पंचकूला के ताऊ देवी लाख खेल मैदान में आना शुरू किया। पहले कुछ दिनों तक टहलने का अभ्यास किया। उसके बाद धीरे-धीरे व्यायाम करने लगे और अपनी डाइट अच्छी रखी। इसकी बदौलत आज वह एशियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी हिस्सा ले रहे हैं।