सेक्टर 9 स्थिति यूटी सचिवालय में अफसरों के साथ मीटिंग करते राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्?
चंडीगढ़। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष मनहर वालजी भाई झाला ने शुक्रवार को यूटी प्रशासन के अफसरों के साथ सेक्टर 9 स्थित सचिवालय में मीटिंग की। इसमें उन्होंने सफाई कर्मियों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान अध्यक्ष ने दैनिक वेतनमान पर रखे गए कर्मियों का ईपीएफ नहीं कटने पर नाराजगी जताई। अफसरों को निर्देश दिए कि महिला सफाई कर्मियों से सुबह आठ बजे के बाद ही काम लिया जाए। इसके साथ ही मृतक सफाई कर्मचारियों के आश्रितों को मिलने वाली सहायता राशि को तत्काल उन्हें मुहैया कराया जाए, जिससे कि उनके परिवार को किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़े।
यूटी प्रशासन के सभागार में आयोजित प्रशासनिक मीटिंग में नगर निगम सहित सभी विभागों के अफसर मौजूद रहे। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को मिलने वाली सभी सुविधाओं को उन्हें तत्काल मिलना चाहिए। सेफ्टी किट प्रत्येक सफाई कर्मी के पास होनी चाहिए। जिनको नहीं दी गई है, उनको तत्काल उपलब्ध कराई जाए। मनहर वालजी भाई ने कहा कि पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में सफाई कर्मी रीढ़ की हड्डी हैं। इनसे काम लेने के साथ ही प्रत्येक संबंधित अधिकारी इनकी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दे। इनको मिलने वाली सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं। महिलाओं को सुबह आठ बजे के बाद ही सफाई में ड्यूटी लगाई जाए। जिससे घर के छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में दिक्कत न आए। महिलाओं को सफाई में हल्का काम दिया जाए। उनके साथ एक पुरुष कर्मचारी लगाया जाए। इस मौके पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की स्टेटस सचिव मंजू दिलेर, एडवाइजर मनोज परिदा, निगम कमिश्नर केके यादव सहित प्रशासन के आलाधिकारी मौजूद रहे।
आयोग ने किया दौरा
इसके अलावा उन्होंने सेक्टर 20 की सुंदरनगर कालोनी को विकसित करने की बात कही। आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि कालोनी में ज्यादातर गरीब तबके के लोग रहते हैं। यहां पर लोगों के मकान भी दरक चुके हैं। इस लिए अध्यक्ष से प्रशासन से इन्हें ठीक कराने के निर्देश दिए। वहीं साल 2015 में मृतक सफाई कर्मचारियों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की राशि दी गई है। इसके अलावा अन्य सफाई कर्मचारियों की अन्य सुविधाओं पर अफसरों से ध्यान देने की बात कही गई।