एनकाउंटर के बाद जांच करतीं टीमें।
चौकी गांव के जंगलों में अज्ञात से हथियार लेकर करनाल भागने की फिराक में थे, नीलकंठ ढाबे पर करनी थी फायरिंग
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-23 स्थित डंपिंग ग्राउंड के पास वीरवार शाम पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो बदमाशों को गोली लगने के बाद काबू कर लिया। एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने घेराबंदी कर नोनी राणा और मोनू गुर्जर गैंग के दो शार्प शूटरों को धर दबोचा। क्रॉस फायरिंग के दौरान पुलिस की गोलियों से दोनों बदमाश घायल हुए हैं जिन्हें सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में दाखिल कराया है।
पकड़े गए आरोपियों में कैथल का चीका निवासी मुकेश (34) और सोनू (22) शामिल हैं। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोलियां सेल के इंचार्ज प्रवीण मलिक और एएसआई प्रदीप कुमार की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगीं जिससे दोनों की जान बच गई।
पुलिस को वीरवार शाम करीब 4 बजे सूचना मिली थी कि दो शूटर बाइक पर सेक्टर-23 के पास किसी बड़ी वारदात की फिराक में घूम रहे हैं। सेल के इंचार्ज प्रवीण मलिक ने तुरंत दो टीमें गठित कर नाडा साहिब के पास से पीछा शुरू किया। निफ्ट और डंपिंग ग्राउंड के बीच खाली मैदान में जब पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया तो हड़बड़ाहट में बदमाशों की बाइक फिसल गई। खुद को चारों तरफ से घिरा देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने तीन राउंड फायर किए जिसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं। पुलिस के सटीक निशाने बदमाशों के पैरों में लगे और वे वहीं गिर पड़े।
डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह ने बताया कि ये दोनों आरोपी कैथल से पंचकूला सिर्फ हथियार लेने आए थे। आरोपियों ने नाडा के पास चौकी गांव के जंगलों में अज्ञात से दो पिस्तौल ली थीं। हथियार लेकर वे करनाल भाग रहे थे। फॉरेंसिक टीम ने मौके से दो पिस्तौल और 6 खाली खोल बरामद किए हैं।
पूछताछ में पुलिस के सामने खुलासा हुआ है। इन शूटरों को करनाल के प्रसिद्ध नीलकंठ ढाबे पर फायरिंग कर दहशत फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ढाबा संचालक से लंबे समय से फिरौती मांगी जा रही थी। बदमाशों की गिरफ्तारी से करनाल में होने वाली बड़ी वारदात टल गई है। चंडीमंदिर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर गैंग के अन्य नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है।