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Panchkula News: फर्जी हस्ताक्षर और जाली बैंक दस्तावेज के सहारे हुआ करोड़ों रुपये का गबन

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चंदन मिश्र
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पंचकूला। नगर निगम पंचकूला के करोड़ों रुपये के गबन मामले में राज्य जांच एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच आगे बढ़ रही है। मामले में नगर निगम के तत्कालीन सिनियर अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक और कोटक महिंद्रा बैंक सेक्टर-11 के तत्कालीन डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह को 30 मई को प्रोडक्शन वारंट पर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया गया और सुनवाई के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
रिमांड के दौरान एसीबी ने दोनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ कर मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई। जांच में नगर निगम के बैंक खातों, एफडी और वित्तीय लेन-देन में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई हैं।
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शुरुआती जांच के अनुसार 40 करोड़, 11 करोड़ और 9 करोड़ रुपये सहित कई बड़े वित्तीय लेन-देन संदिग्ध पाए गए हैं। इन दस्तावेजों में हस्ताक्षर मिलान के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा।
जांच के दौरान नगर निगम की तत्कालीन आयुक्त और जॉइंट कमिश्नर ने कई बैंक दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड पर मौजूद हस्ताक्षरों को फर्जी बताया। एसीबी का दावा है कि सरकारी राशि को निजी खातों और फर्मों में स्थानांतरित करने के लिए फर्जी पत्र, बैंक वाउचर, आरटीजीएस फॉर्म, एफडी रिडेम्पशन दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड तैयार किए गए थे। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन दस्तावेजों को बनाने में किन लोगों की भूमिका रही और किन उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
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मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कुछ खातों में सरकारी धन पहुंचने के प्रमाण भी मिले हैं। सोमवार को कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व अधिकारी पुष्पिंदर सिंह को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जेल से प्रोडक्शन वारंट पर पेश किया। ईडी ने अदालत से रिमांड की मांग की थी। इसके बाद पुष्पिंदर को नाै दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। संवाद
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