चंडीगढ़। किसान आंदोलन और कोरोना संक्रमण के दौर में प्रदेश सरकार नए वित्त वर्ष में बिजली दरें नहीं बढ़ाने पर विचार कर रही है। प्रदेश की बिजली कंपनियों ने भी हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचआईआरसी) को दरें बढ़ाने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। कंपनियों के मुनाफे में होने के चलते ये तय माना जा रहा है कि इस बार बिजली की दरें नहीं बढ़ेंगी। मार्च के अंतिम सप्ताह में जारी होने वाले नये टैरिफ में पिछली बार की तरह उद्योग क्षेत्र को रियायत मिल सकती है।
हरियाणा में बिजली के क्षेत्र में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन), हरियाणा बिजली उत्पादन निगम (एचपीजीसीएल), उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) व दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) काम कर रही हैं। आगामी वित्त वर्ष की एआरआर (वार्षिक राजस्व आवश्यकता ) के लिए हर साल कपिनियों को 30 नवंबर से पहले अपना पूरा लेखा जोखा एक पीटिशन की शक्ल में एचईआरसी में दाखिल करना होता है। ये कंपनियां वर्ष 2021-22 की (एआरआर) की पिटीशन्स एचईआरसी को दे चुकी हैं। इनकी पीटिशन पर जन सुनवाई भी हो चुकी है। तमाम सुझावों और आपत्तियों के बाद आयोग के अध्यक्ष आरके पचनंदा, सदस्य प्राविंद्रा सिंह चौहान और सदस्य नरेश सरदाना इस पर मंथन कर रहे हैं। वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) के आधार पर किसी भी बिजली कंपनी ने दरें बढ़ाने की मांग नहीं की है। ऐसे में ये तय माना जा रहा है कि आयोग बिजली दरें नहीं बढ़ाएगा। इस फैसले पर आयोग की मुहर लगने का इंतजार है। आयोग द्वारा एक अप्रैल से पहले टैरिफ जारी करना होता है। गौरतलब है कि प्रदेश में बिजली के करीब 70 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। इनमें यूएचबीवीएन के 32.84 लाख और डीएचबीवीएन के 37.62 लाख उपभोक्ता शामिल हैं।
एग्रो इंडस्ट्री के बाद इस बार किस क्षेत्र को मिलेगी रियायत
आयोग ने पिछली बार एग्रो इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को राहत देते हुए 6 रुपये 70 पैसे की के स्थान पर 4 रुपये 75 पैसे प्रति यूनिट बिजली देने की घोषणा की थी। इस बार देखने योग्य बात ये है कि आखिर किस क्षेत्र को रियायत मिल सकती है। आयोग के सूत्र दावा करते हैं कि कृषि या उद्योग में से किसी एक को राहत मिलने की उम्मीद है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में करीब 6 लाख 50 हजार किसानों ने ट्यूबवेल के कनेक्शन है। इसी प्रकार, इंडस्ट्री के कनेक्शन की संख्या भी लाखों में है। खेती के लिए किसानों को 10 पैसा प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली सप्लाई की जा रही है। इसी प्रकार, छोटे उद्योगों को 6.35 रुपए से 6.65 और बड़े उद्योगों को 6.65 रुपए प्रति यूनिट से लेकर 6.95 प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली दी जा रही है।
यह है इस समय टैरिफ
कैटेगरी 1
0-50 यूनिट 2 रुपये
51-100 यूनिट 2.50 रुपये
कैटेगरी - 2
0-150 यूनिट 2.50 रुपये
151-250 यूनिट 5.25 रुपये
251-500 यूनिट 6.30 रुपये
501-800 यूनिट 7.10 रुपये
कैटेगरी- 3
801 से ऊपर यूनिट 7.10 रुपये फ्लैट