चंडीगढ़ की मसजिदों और ईदगाहों में सोमवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज अदा की गई। हजारों लोगों ने ईद की नमाज अदा की। जामा मसजिद सेक्टर-20 में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद देश की तरक्की, अमन और शांति के लिए दुआएं मांगी र्गइं। इसके बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की बधाई दी।
नमाज से पहले जामा मस्जिद के इमाम व खतीब मौलाना अजमल खान ने ईद-उल-अजहा के महत्व के बारे में आए हुए लोगों को बताया। नमाज के बाद देश की तरक्की, अमन और भाईचारे के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज के बाद लोगों ने गले मिल एक दूसरे को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस्लाम अमन का प्रतीक है। मुल्क में अमन और शांति कायम रहनी चाहिए। हमें खुदा के हुक्म पर सब कुछ कुर्बान करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
इस अवसर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जामा मस्जिद में नमाज के कारण सात बजे से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। उन्होंने चंडीगढ़ और पूरे देश की सलामती, तरक्की, भाईचारे और मोहब्बत के लिए दुआएं मांगी। सफल आयोजन के लिए चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस का भी धन्यवाद दिया। उन्होंने सभी को ईद मुबारक कहा।
इस बार जामा मस्जिद के ग्राउंड में नमाज न होकर मस्जिद और उसके परिसर में ही लोगों ने नमाज अदा की। रात में बारिश होने के बाद ग्राउंड गीला होने के कारण मस्जिद में नमाज हुई। मौलाना अजमल खान ने कहा कि ग्राउंड को देखने के लिए वे खुद गए थे। गीला होने के कारण मस्जिद में नमाज अदा हुई।
एक सप्ताह में दो-दो खुशियां, खुशी से मनाएं 15 अगस्त
जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अजमल खान ने कहा कि ईद-उल-अजहा के बाद स्वतंत्रता दिवस आ रहा है। एक सप्ताह के अंदर दो-दो खुशियां आई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि खुशी के साथ 15 अगस्त बनाएं। आजादी की लड़ाई में बड़ी संख्या में मुसलमानों ने शहादतें दी हैं।