चंडीगढ़। शिक्षा विभाग में तीस साल से फील्ड में कार्यरत क्लर्कों का प्रमोशन न होने, 2015 से वरिष्ठ सूची अपडेट न होने और आनलाइन ट्रांसफर में दूरदराज बदले क्लर्कों के समायोजन का मुद्दा तूल पकड़ गया है। हरियाणा मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) ने इसके खिलाफ 21 सितंबर को सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय पर मार्च करते हुए प्रदर्शन करने का एलान कर दिया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के हस्तक्षेप के बाद हरकत में आए सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने 21 सितंबर को इन मुद्दों पर हरियाणा एजूकेशन मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। लेकिन हेमसा अब पीछे हटने को तैयार नहीं है।
शिक्षा विभाग में 2015 से 4881 फील्ड मिनिस्टीरियल स्टाफ की वरिष्ठता सूची अपडेट नहीं की गई है और 1990 के क्लर्कों को असिस्टेंट प्रमोट नहीं किया गया है। वरिष्ठता सूची में मृतक, रिटायर व अन्य कारणों से सेवा छोड़ चुके या प्रमोट हो चुके लिपिकों के भी नाम शामिल थे। सैकड़ों की संख्या में पद खाली पड़े हुए हैं और 30 साल सेवा करने के बाद भी क्लर्क बिना प्रमोशन के रिटायर हो कर जा रहे हैं। ऊपर से लॉकडाउन में लिपिकों के तबादले दूर कर दिए गए।
सर्व कर्मचारी संघ ने किया हस्तक्षेप
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने बताया कि 10 सितंबर को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की गई थी। 14 सितंबर को सीएम के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, संयुक्त प्रधान सचिव अमित अग्रवाल व शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा सरकार डॉ. महावीर सिंह से मुलाकात करके सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय की कार्यप्रणाली की शिकायत की थी। अब निदेशालय ने 21 सितंबर को एसोसिएशन ने बुलाया है, लेकिन इससे पता लगता है कि वह कर्मचारियों को प्रति गंभीर नहीं हैं।