चंडीगढ़। हाईकोर्ट में अंडरटेकिंग देने के बावजूद हरियाणा में आर्थिक पिछड़ा वर्ग आरक्षण देते हुए नियुक्तियां करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। याचिका में हरियाणा के एडवोकेट जनरल और मुख्य सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
अवमानना याचिका दाखिल करते हुए सुरेश कुमार ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा में नौकरियों में आर्थिक पिछड़ा वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था। इस आरक्षण को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में दलील दी गई थी कि इंदिरा साहनी मामले में सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता है। आर्थिक पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने से प्रदेश में आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक हो जाता है, ऐसे में इसे खारिज किया जाना चाहिए। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान 2019 में एडवोकेट जनरल ने कोर्ट में अंडरटेकिंग दी थी कि नौकरियों में आर्थिक पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर यथास्थिति बनाए रखेंगे। अंडरटेकिंग के बावजूद प्रदेश सरकार ने विभिन्न विभागों व निकायों में आर्थिक पिछड़ा वर्ग आरक्षण का लाभ देते हुए नियुक्तियां कर दीं। याचिकाकर्ता ने कहा कि ऐसा करना सीधे तौर पर न्यायालय की अवमानना का मामला बनता है। याचिका में एडवोकेट जनरल तथा हरियाणा के मुख्य सचिव के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने की अपील की गई है।