हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि सभी रेलवे फाटकों पर आरओबी या आरयूबी बनाए जाएंगे। इससे प्रदेश फाटक मुक्त हो जाएगा। सरकार ने भारतीय रेलवे मंत्रालय के साथ समझौता किया है। एचएसआईआईडीसी पर आरओबी, आरयूबी के निर्माण की देखरेख का जिम्मा रहेगा। उन्होंने प्रश्नकाल में सदन को अवगत करवाया कि बादली के पेलपा गांव के एक ओर राज्यीय राजमार्ग है और दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग है। एक ओर कुंडली-मानेसर एक्सप्रेस वे लगता है। विभाग ने अध्ययन में पाया कि उस सड़क की दोष दायित्व अवधि (डीएलपी) दिसंबर 2020 तक है। इसके बाद विभाग इन तीन स्थानों पर जमीन लेकर बाईपास का निर्माण करवाएगा। पेलपा, सुबाना, सौंधी व केएमपी के साथ लगते अन्य स्थानों पर पैनासोनिक जैसी कई कंपनियों ने अपनी इकाईयां स्थापित की हैं। यहां पर औद्योगिक विकास और अधिक हो, इसलिए सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए उद्योगों से भी सहयोग लिया जाएगा।
प्रदेश में 602 गोशालाएं, 26 में ही चिकित्सा सुविधा
प्रदेश में कुल 602 गोशालाएं मौजूद हैं। इनमें से 26 गोशालाओं में ही 14 पशु सर्जन और 26 पशुधन विकास सहायक नियुक्त हैं। 576 गौशालाओं में नजदीक के पशु अस्पतालों और पशु डिस्पेंसरी से चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने इंद्री से भाजपा विधायक रामकुमार कश्यप के सवाल पर यह जानकारी दी। कश्यप ने कहा कि गांवों, शहरों व खेतों में लावारिस पशुओं की भरमार है। उनसे निजात दिलाएं। उन्होंने गौशालाओं को ग्रांट की राशि में कमी करने पर भी सवाल उठाए।
कॉलेज की भूमि को भाजपा नेताओं के चुंगल से कराएं मुक्त
कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई ने मामला उठाते हुए कहा कि हिसार जिले में एक कॉलेज की भूमि पर भाजपा नेताओं का कब्जा है। हाईकोर्ट ने भी कब्जा खाली कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार कब्जा क्यों नहीं हटा रही। इस पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल पहले तो कुछ कहने से बचते रहे पर जब बिश्नोई ने दबाव डाला तो मंत्री ने कहा कि कोर्ट के आदेशों की अनुपालना करेंगे।
क्लस्टर में कचरे से ऊर्जा संयंत्र न लगे तो हर जिले में बनाएंगे
शहरी निकाय मंत्री अनिल विज ने कहा कि अगर क्लस्टर में कचरे से ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए कोई ठेकेदार आगे नहीं आता है तो भविष्य में हर जिले में ऐेसे संयंत्र स्थापित करने की नीति लाएंगे। उसमें ठेकेदार भी आगे आकर काम करेंगे। विज सदन में अंबाला शहर से विधायक असीम गोयल के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अंबाला-करनाल क्लस्टर में गांव पटवी में संयंत्र लगाने के लिए निविदाएं मांगी थीं, लेकिन कठिन शर्तों के कारण कोई आगे नहीं आया। इसके लिए नियमों में बदलाव कर जल्दी दोबारा टेंडर मांगे जाएंगे।