चंडीगढ़। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये 9 किलो हेरोइन की तस्करी की साजिश रचने के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हेरोइन तस्करी के मामलों में अचानक वृद्धि पर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि नशे की लत देश के भविष्य को दीमक की तरह खा रही है, यह राज्य सरकार की नाकामी दर्शाती है।
फाजिल्का निवासी रिंकू ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की मांग की थी। याची पर नौ किलोग्राम हेरोइन की तस्करी का आरोप है। आरोप के अनुसार याची और उसके साथियों ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये नशीले पदार्थों की तस्करी की साजिश रची थी। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उसे केवल सह-आरोपी हरजिंदर सिंह के बयान के आधार पर नामजद किया गया है, उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है।
हाईकोर्ट ने याची पक्ष की सभी दलीलें खारिज करते हुए कहा कि नशा समाज के लिए एक बीमारी है। नशे की लत इंसान को खोखला कर देती है, जबकि नशे की तस्करी देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के साथ ही आतंकवाद को भी बढ़ावा देती है। नशीली दवाओं का सेवन करने वाला व्यक्ति एक सामान्य इंसान नहीं रह जाता, बल्कि तेजी से बर्बादी की ओर बढ़ता है।
हाईकोर्ट ने कहा कि अपराध की साजिश रचने वालों को सख्ती से निपटने की जरूरत है, ताकि कानून का सम्मान बना रहे। सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा कि पिछले एक महीने में हेरोइन तस्करी से जुड़े जमानत के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। आंकड़े बताते हैं कि सरकार नशे के खतरे पर लगाम लगाने में नाकाम रही है, खासकर पंजाब में, जहां यह समस्या सबसे ज्यादा गंभीर है।