पंचकूला। अगर आपको कोई डिजिटल अरेस्ट की धमकी देता है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। डिजिटल अरेस्ट पुलिस की ओर से कभी नहीं किया जाता है। इसलिए अगर आपके साथ साइबर फ्रॉड हो जाए तो इसे छिपाने के बजाय पुलिस को जानकारी दें। कभी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सेक्टर-1 पीजी कॉलेज के सभागार में शुक्रवार कोे पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम के दौरान साइबर एक्सपर्ट्स कांस्टेबल सुनील कुमार ने छात्राओं और शिक्षकों को जागरूक करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि अपनी प्राइवेट फोटो सोशल मीडिया पर डालने से बचें। आजकल फोटो को गलत तरीके से एडिट कर उसे साइबर ठग इस्तेमाल करते हैं। अगर साइबर ठगी हो जाए तो 1930 नंबर पर जानकारी दें। अगर अकाउंट से पैसे साइबर ठग निकाल लें तो पुलिस को सूचना दे। सूचना देने पर पुलिस इस पैसे को रोक सकती है। अज्ञात स्रोतों से प्राप्त एपीके फाइलों को डाउनलोड न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें क्योंकि एक क्लिक से उनका फोन किसी अनजान व्यक्ति के नियंत्रण में आ सकता है। इस दौरान विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड बनाने, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी और केवल आधिकारिक वेबसाइटों का उपयोग करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम मेंं साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह, यातायात थाना प्रभारी वरिंदर सिंह, पीजी कॉलेज की प्रिंसिपल शैलजा छाबड़ा सहित तीन सौ से अधिक छात्रों ने भाग लिया।
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एपीके फाइल के खतरे के बारे में पता चला
मुझे अनजान वेबसाइट लिंक और एपीके फाइल को मोबाइल फोन पर डाउनलोड करने से खतरे के बारे में पता चला। इससे फोन साइबर ठग के नियंत्रण मेंं आता है। मैं अपने परिवार के लोगों को जागरूक करूंगा। -सत्यम, छात्र
डिजिटल अरेस्ट पर कंफ्यूजन दूर हो गया
मुझे आज पाठशाला में भाग लेने के बाद जानकारी मिली की पुलिस कभी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। इस बारे में मुझे पहली बार जानकारी मिली है। इस जानकारी से मेरा कंफ्यूजन दूर हो गया है। -संस्कार, छात्र
हेल्पलाइन नंबर के बारे में जाना
साइबर ठगी से बचाव के बारे में हेल्पलाइन नंबर-1930 और डायल 112 के बारे में जानकारी मिली। अगर मुझे भविष्य मेंं कभी जरूरत पड़ेगी तो तुरंत इस नंबर पर फोन कर साइबर क्रइाम से बचाव कर सकेंगे। -रिंपी देवी, छात्रा
अधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करेंगे
मैं फार्म भरने और काम करने में अधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करूंगी। कभी भी गलत वेबसाइट का इस्तेमाल नहीं करूंगी। साइबर से बचाव की पाठशाला मेंं आज मुझे यह सीखने को मिला है। -रिंकी, छात्रा