माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। आईटीबीपी भानू में स्थित नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग में श्वानों का प्रेरण प्रशिक्षण समारोह आयोजित किया गया। इसमें तैयार छह श्वानों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क, कर्नाटक में चार और बिहार मेंं एक जर्मन शेफर्ड को जंगलों में तैनात किया जाएगा। तीनों राज्यों में जंगल से जानवरों की तस्करी रोकने के उद्देश्य से इनकी तैनाती की जाएगी। कार्यक्रम में ओवरआल बेस्ट फाॅरेस्ट गार्ड ज्योति प्रकाश सिंह श्वान बाबी बिहार फाॅरेस्ट और ओवरआल बेस्ट श्वान स्टेला फाॅरेस्ट वाचर बोला कर्नाटक फाॅरेस्ट को ट्राफी देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित आईटीबीपी के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने बताया कि आईटीबीपी में छह से नौ माह की उम्र के छह जर्मन शेफर्ड श्वानों और उनके 12 संचालकों को सात माह का प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में पहले कुछ सप्ताह के दौरान श्वान और हैंडलर के बीच भावनात्मक और भरोसेमंद संबंध विकसित किया गया। इसके उपरांत इनको सूंघने और ट्रैक करने का कौशल सिखाया गया। इसमें बिल्लीनुमा मांसाहारी जानवरों जैसे- बिल्ली, सिंह, शेर, चीता की खाल, हड्डियों और शरीर के अन्य अंगों, भालू के पित्त, लाल चंदन और अन्य अवैध वन्यजीव उत्पादकों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है।
ईलू श्वान होगा कूनो नेशनल पार्क में तैनात
आईटीबीपी के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने बताया कि 6 श्वानों में से एक जर्मन शेफर्ड ईलू श्वान भी है, जिसे मध्य प्रदेश में स्थित कूनों नेशनल पार्क में तैनात किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल बीते 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अपने जन्मदिवस के अवसर पर अफ्रीका के नामीबिया से आठ चीतों को लाकर छोड़ा गया था। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य श्वानों को विभिन्न वन्यजीवों के उत्पादों की गंध के लिए सूंघने और ट्रेकिंग कौशल में महारत एवं साकारात्मक, सुदृढ़ीकरण सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके वैज्ञानिक रूप से प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा श्वानों को आबादी और वन क्षेत्र में विभिन्न वास्तविक जीवन खोज परिदृश्यों से अवगत कराया गया है ।