माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में कोलकाता में एक महिला डॉक्टर के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के विरोध में शनिवार को सरकारी डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों ने दो घंटे तक प्रदर्शन किया। इस कारण दो घंटे सुबह 11 से एक बजे तक अस्पताल की ओपीडी नहीं चली। डॉक्टरों ने इस घटना को दर्दनाक और शर्मसार करने वाला बताया।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ ऐसा जघन्य अपराध होना पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। सिविल अस्पताल के डॉक्टर सीनियर सिटीजन ओपीडी के पास ग्राउंड फ्लोर पर एकत्रित हुए। यहां उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। एमडी मेडिसिन, आई ओपीडी, ईएनटी, स्किन, मनोरोग सहित सभी ओपीडी के डॉक्टर इसमें शामिल हुए। इमरजेंसी के डॉक्टर मंदीप सिंह ने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार कानून बनाए। इस तरह के कृत्य से डॉक्टरों को अपने काम करने की जगह पर भी डर लगा रहता है।
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर अपने ही अस्पताल में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है। इस प्रोटेस्ट के दौरान अस्पताल के सभी कर्मचारियों ने कोलकाता सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। डॉक्टरों ने कहा कि राज्य सरकार घटना को दबाने में लगी हुई है, जबकि ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। डॉक्टरों की मांग थी कि कोलकाता की चीफ मिनिस्टर इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेकर तुरंत इस्तीफा दें।
ओपीडी बंद होने से हुई परेशानी
ओपीडी में चोट लगने के बाद इलाज के लिए आए थे। हड़ताल के कारण दो घंटे का इंतजार करना पड़ा है। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा है। - दौलत बिष्ट, मरीज
सैंपलिंग के लिए लंबा इंतजार
डॉक्टर को दिखाने के लिए लाइन में लगे थे। इस दौरान सैंपलिंग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है। हड़ताल एक बजे खत्म हुई इसके बाद सैंपलिंग हो पाई। - तेजबीर सिंह, मरीज
मरीजों के लिए अस्पताल में ओपीडी चलाई गई थी। डॉक्टरों ने प्रदर्शन करने के बाद मरीजों को देखा है। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल, सेक्टर -6