पंचकूला। रिश्वत के मामले में सुनवाई करते हुए शुक्रवार को जिला न्यायालय ने आयुष्मान भारत योजना के डिप्टी सीईओ डॉक्टर रवि विमल को जमानत दे दी है। आरोपी ने जिला अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। दायर याचिका में आरोपी के वकील यवनीत ढाकला ने दलील दी कि यह आरोप बेबुनियाद है इसलिए मामले में जमानत दी जाए। दूसरे पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिए। एसीबी ने आरोपित को सितंबर 2024 को पांच लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
यह था मामला
डॉक्टर रवि विमल जिला पंचकूला में आयुष्मान भारत योजना के डिप्टी सीईओ के पद पर कार्यरत थे। एसीबी की टीम को करनाल के एक निजी अस्पताल के संचालक से शिकायत मिली थी कि आरोपित रवि विमल आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध उसके अस्पताल का सस्पेंशन रद्द करने के बदले में दस लाख रुपये की रिश्वत मांग कर रहा है। बाद में सौदा पांच लाख रुपये में तय हुआ था। एसीबी करनाल की टीम ने आरोपित डाक्टर को रंगेहाथ गिरफ्तार करने के लिए ट्रैप लगाया था। हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) करनाल की टीम ने उसे पंचकूला में पांच लाख रुपये लेते गिरफ्तार किया था।