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Panchkula News: सिद्धिविनायक मंदिर में पुजारियों और प्रबंधन के बीच बढ़ा विवाद

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पुजारियों ने लगाया मानसिक प्रताड़ना और कम वेतन का आरोप
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महिला मंडली ने पुजारियों को हटाने पर आंदोलन की चेतावनी दी
2 अगस्त को बुलाई गई बैठक में तय होगी आगे की रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-26 स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर में पुजारियों और मंदिर प्रबंधन के बीच विवाद गहरा गया है। पुजारियों ने प्रबंधन पर मानसिक प्रताड़ना, झूठे चोरी के आरोप लगाने और बेहद कम वेतन देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इन परिस्थितियों से परेशान होकर सभी पुजारी और सेवादार अपने पद से इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं।
पुजारियों के अनुसार उन्हें प्रतिमाह मात्र चार हजार रुपये वेतन दिया जाता है, जिससे परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर प्रबंधन बार-बार उन पर चोरी के आरोप लगाता है। साथ ही विशेष धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है।
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इसी मुद्दे को लेकर रविवार को मंदिर परिसर में महिला मंडली की बैठक आयोजित की गई। महिला मंडली की प्रधान शारदा जोशी ने पुजारियों से इस्तीफा न देने की अपील करते हुए हर स्तर पर उनका समर्थन करने का भरोसा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर प्रबंधन धार्मिक आयोजनों की अनुमति नहीं देता और महिला सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार करता है।
महिला मंडली ने चेतावनी दी कि यदि पुजारियों को हटाने का प्रयास किया गया तो उन्हें मंदिर पर ताला लगाने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। मंडली के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर की गुल्लक में आने वाली राशि का सही उपयोग नहीं हो रहा और श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
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महिला मंडली ने बताया कि 2 अगस्त को मंदिर परिसर में एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें आगे की रणनीति तय करने के साथ मंदिर कमेटी के पुनर्गठन और नए चुनाव कराने की मांग पर भी चर्चा होगी।

कोट
मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर नई कमेटी बनाई जानी चाहिए ताकि मंदिर का संचालन पारदर्शी तरीके से हो सके।
- भगवान सिंह, पूर्व प्रधान, मंदिर कमेटी

कोट
मंदिर में पुजारी अपनी इच्छा के अनुसार कार्य कर रहे हैं। यदि उन्हें वेतन कम लगता है तो वे यहां से काम छोड़ सकते हैं। हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है।
- एसके मिगलानी, प्रधान, मंदिर कमेटी
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