पंचकूला। हरियाणा सरकार के डिजिटल इंडिया के विजन को धरातल पर पंचकूला के सरल केंद्रों और आरटीओ कार्यालयों में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और वाहन पंजीकरण (आरसी) की फीस जमा कराने के लिए नकद और एटीएम कार्ड (पीओएस) के विकल्प बंद होने से आम जनता क्यूआर कोड और ऑनलाइन लिंक के चक्रव्यूह में फंस गई है।
सरल केंद्र के काउंटरों पर फीस भुगतान के लिए जनरेट होने वाले क्यूआर कोड की समय सीमा मात्र 2 मिनट तय की गई है। पंचकूला के कई केंद्रों पर मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण अक्सर ओटीपी देरी से आता है या पेमेंट प्रोसेसिंग में समय लग जाता है। जैसे ही 2 मिनट का समय पूरा होता है, सिस्टम से वह ट्रांजेक्शन एक्सपायर हो जाता है, जबकि उपभोक्ता के बैंक खाते से पैसे कट चुके होते हैं।
पीड़ित भारत भूषण बंसल, एसके नैय्यर, दिनेश, राहुल सहित कई आवेदकों का आरोप है कि पैसे कटने के बाद जब वे रसीद मांगते हैं तो केंद्र के कर्मचारी सिस्टम में पेमेंट पेंडिंग या अपडेट न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। आवेदकों को दोबारा भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है। ऐसे में एक आम आदमी की मेहनत की कमाई दोहरी मार झेल रही है।
शिकायत के लिए न कोई ट्रेजरी हेड, न कोई हेल्पलाइन
-सबसे गंभीर समस्या यह है कि इस प्रकार की असफल पेमेंट की शिकायत के लिए विभाग के पास कोई स्पष्ट तंत्र नहीं है।
-सरल केंद्रों पर कोई ऐसा हेल्प डेस्क नहीं है जो कटी हुई पेमेंट को ट्रैक कर सके।
- पीड़ित व्यक्ति कभी बैंक के चक्कर काटता है तो कभी परिवहन विभाग के, लेकिन उसे ई-ग्रास या हरियाणा ट्रेजरी का कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिलता।
-तकनीकी खामी, सरकार ने पेमेंट गेटवे तो बना दिया लेकिन रिफंड और पेमेंट ट्रैकिंग की सुविधा को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।
पंचकूला निवासियों की मांग
-नकद और कार्ड भुगतान का विकल्प दोबारा शुरू किया जाए।
-क्यूआर कोड की समय सीमा 2 मिनट से बढ़ाकर कम से कम 5-7 मिनट की जाए।
-विफल ट्रांजेक्शन के लिए हर सरल केंद्र पर एक नोडल अधिकारी और शिकायत नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए।
समाधान तुरंत करने की दी हिदायत
इस तरह की समस्या उपभोक्ताओं को पिछले दो तीन माह से आ रही है। इस संबंध में सरल केंद्र स्टाफ को सख्त हिदायत दी गई है ताकि आवेदकों को किसी प्रकार की दिक्कत आए तो उसका समाधान तुरंत करें। चंद्रकांत कटारिया, एसडीएम पंचकूला।