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Panchkula News: कार में पेट्रोल की जगह भरा डीजल<bha>;</bha> पंप मालिक को देना होगा 1.24 लाख का जुर्माना

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पंचकूला। कार में पेट्रोल की बजाय डीजल भरने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने सेक्टर-20 के एचपी पेट्रोल पंप के मालिक पर 1.24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह राशि पंप मालिक को कार चालक को देनी होगी। फोरम ने माना कि पेट्रोल पंप कर्मचारियों की लापरवाही से उपभोक्ता की कार में पेट्रोल की बजाय डीजल भर दिया गया जिससे वाहन को गंभीर तकनीकी नुकसान हुआ है।
यह है मामला

6 नवंबर 2019 को कर्नल ठाकुर अपने बेटे के साथ हुंडई क्रेटा पेट्रोल कार लेकर सेक्टर-20 स्थित एचपी पेट्रोल पंप पर पहुंचे। बेटे ने कार में पेट्रोल भरवाने को कहा, लेकिन कर्मचारी ने गलती से 2,525 रुपये का डीजल भर दिया। थोड़ी ही देर में गाड़ी का पिकअप कमजोर हो गया और काला धुआं निकलने लगा। कार को टो कर अधिकृत हुंडई सर्विस सेंटर ले जाया गया। वहां टैंक से डीजल निकालकर पेट्रोल डाला गया। पंप मैनेजर ने गलती मानते हुए बराबर मात्रा में पेट्रोल डलवाया और शुरुआती खर्च का भुगतान भी किया। मगर समस्या यहीं खत्म नहीं हुई। अगले ही दिन कार में इंजन चेतावनी लाइट जलने लगी। 21 नवंबर को स्पार्क प्लग बदलने पर 1,411 रुपये खर्च हुए। फिर भी समस्या बनी रही। 26 नवंबर को जांच में पाया गया कि कैटेलिटिक कंवर्टर पूरी तरह खराब हो गया है। इसे बदलने पर करीब 90 हजार रुपये का खर्च आया। उपभोक्ता को कुल 90,707 रुपये का भुगतान करना पड़ा।
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पेट्रोल पंप प्रबंधक ने झाड़ा पल्ला


जब कर्नल ठाकुर ने खर्च की भरपाई मांगी तो पंप प्रबंधक ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हुंडई कंपनी से वारंटी में पार्ट बदलवाया जाए मगर कंपनी ने साफ कर दिया कि गलत ईंधन डालने से हुआ नुकसान वारंटी में शामिल नहीं है।
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मामला उपभोक्ता फोरम पहुंचा। फोरम ने माना कि कार में पेट्रोल की जगह डीजल भरना पंप कर्मचारी की गलती थी। उपभोक्ता ने पूरी सावधानी बरती और तुरंत सर्विस सेंटर जाकर नुकसान कम करने की कोशिश की। प्रारंभिक भुगतान केवल तत्कालिक खर्च की भरपाई के लिए था, इससे आगे हुए बड़े नुकसान की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। फोरम ने सेक्टर-20 पेट्रोल पंप प्रबंधकों को आदेश दिया कि वे उपभोक्ता को 1,04,236 रुपये 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 21 नवंबर 2019 से अदा करें। साथ ही मानसिक पीड़ा के लिए 15,000 रुपये और मुकदमेबाजी खर्च के तौर पर 5,500 रुपये भी दें। आदेश में कहा गया है कि पंप प्रबंधक 45 दिन के भीतर रकम का भुगतान करें।
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