चंडीगढ़। किसान मजदूर मोर्चा ने किसान आंदोलन-2 के दौरान शंभू बॉर्डर पर चले आंदोलन के दौरान मिली डोनेशन और खर्च का ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है। फरवरी 2024 से लेकर मार्च 2025 तक पंजाब व हरियाणा के बॉर्डर पर किसानों ने मोर्चा लगाया था। इस दौरान किसानों को 20.58 लाख डोनेशन मिली थी, जिसमें से 20.56 लाख खर्च किए थे और अब 1734 रुपये बचे हैं।
फंड में हेरफेर को लेकर कुछ किसान नेताओं ने हेरफेर के आरोप भी लगाए थे। यूनियन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। डल्लेवाल आंदोलन के दौरान खनौरी बॉर्डर पर अनशन पर बैठे थे, जबकि यह ब्योरा फिलहाल सिर्फ शंभू बॉर्डर के लिए जारी किया गया है।
शनिवार को मोर्चे ने यह ब्योरा जारी किया है, जिसमें हर महीने मिली डोनेशन व खर्च की जानकारी दी गई है। फरवरी से मई 2024 तक मोर्चे को सबसे अधिक डोनेशन मिली, जबकि उसके बाद इसमें कमी आती गई। फरवरी 2024 में 2.24 लाख, मार्च में 4.85 लाख, अप्रैल में 2.56 लाख और मई 2024 में 6.53 लाख रुपये मोर्चे को फंड मिला था। इस फंड का उपयोग साउंड सिस्टम, पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की तस्वीरें बनवाने, टेंट, कुर्सी व टेबल की व्यवस्था करने, वाईफाई व मोर्चे पर आयोजित समारोहों, कैंडल मार्च और अन्य कार्यों के लिए किया। भाकियू सिद्धूपुर किसान यूनियन के नेता ने गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि आंदोलन को चलाने के लिए पैसे एकत्रित किए गए, लेकिन उनका कोई हिसाब नहीं दिया गया।