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बेसहारा बच्चों को शिक्षा, रोजगार और शादी तक सहारा

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चंडीगढ़। हरियाणा के चाइल्ड केयर होम में पंजीकृत बेसहारा बच्चों को मनोहर लाल सरकार सहारा देगी। शिक्षा, रोजगार के बाद शादी तक इनका पूरा ख्याल रखा जाएगा। इन्हें सरकार आत्मनिर्भर होने पर दो कमरों का मकान बनाने के लिए एकमुश्त ब्याजमुक्त ऋण भी मुहैया कराएगी। ब्याज की राशि को खुद सरकार वहन करेगी। इसके लिए वीरवार को चंडीगढ़ में हुई मंत्रिमंडल बैठक में हरिहर योजना लागू करने को मंजूरी दी गई।
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सीएम मनोहर लाल ने बताया कि प्रत्येक परित्यक्त और आत्मसमर्पित बच्चे का उत्थान किया जाएगा। 5 वर्ष की आयु से पहले परित्यक्त, एक या एक वर्ष की आयु से पहले आत्मसमर्पित और राज्य के बाल देखभाल संस्थानों से 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके ऐसे बच्चों को रोजगार, शैक्षिक और वित्तीय लाभ प्रदान करेंगे। ‘हरिहर’ (बेघर परित्यक्त और आत्मसमर्पण करने वाले बच्चों का पुनर्वास पहल हरियाणा) नीति इसमें कारगर सिद्ध होगी।। आवश्यक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले 18 वर्ष की आयु के बच्चों को अनुकंपा आधार पर रोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) का दर्जा प्रदान किया जाएगा। 25 वर्ष की आयु या विवाह, जो भी पहले हो उस तक तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण, देखभाल, पुनर्वास और वित्तीय सहायता दी जाएगी। नि:शुल्क स्कूल एवं उच्चतर शिक्षा मुहैया कराई जाएगी।
डीसी की अध्यक्षता वाली समिति के अनुमोदन पर उचित योग्यता वाले बच्चों को अनुकंपा आधार पर ग्रुप सी एवं डी की नौकरी दी जाएगी। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का दर्जा मिलेगा। लाभार्थी केवल एक बार ही अनुकंपा आधार पर रोजगार व ईडब्ल्यूएस के दर्जे का लाभ उठा सकता है। सीएम ने कहा कि अनुकंपा आधार पर 18 वर्ष की आयु पूरा करने के बाद नौकरी मिलने पर उसका वेतन एक फिक्स्ड डिपॉजिट खाते में जमा किया जाएगा। 25 वर्ष की आयु या विवाह के बाद ही राशि को निकालने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे व्यक्ति को अपने जीवनयापन के खर्च के लिए प्रतिमाह अपने वेतन से 20 प्रतिशत वेतन अग्रिम रूप में मिलेगा। वह किसी वित्तीय सहायता के लिए पात्र नहीं होगा। विवाह के बाद मकान खरीदने के लिए एक बार ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। समय-समय पर अधिसूचित सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की सामाजिक सुरक्षा पेंशन (विकलांगता पेंशन) के बराबर पुनर्वास के लिए ऐसे बच्चों को वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। योजना की अधिसूचना जल्दी जारी की जाएगा। सीएम ने कहा ऐसे बच्चे अक्सर सरकारी योजनाओं और लाभों से वंचित रह जाते हैं। यदि उपयुक्त नौकरी के अवसर दिए जाएं, तो ये बच्चे अपने जीवन में पूरी गंभीरता और आत्म सम्मान के साथ आगे बढ़ेंगे।
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