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Panchkula News: मंत्री के 10 दिन में अवैध मीट दुकानें हटाने के निर्देश, तीन महीने बाद भी नहीं हटीं

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पंवार के आदेश भी बेअसर, बुढ़नपुर-इंदिरा कॉलोनी में बिना लाइसेंस दुकानें जारी
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पंचकूला। अवैध मीट दुकानों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात बदलते नजर नहीं आ रहे हैं। मई में हरियाणा के विकास एवं पंचायत तथा खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बुढ़नपुर और इंदिरा कॉलोनी में बिना लाइसेंस चल रही मीट दुकानों को 10 दिन के भीतर विशेष अभियान चलाकर हटाने के निर्देश दिए थे। तीन महीने बीतने के बाद भी इन दुकानों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है। मंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कार्रवाई में देरी ने नगर निगम और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक तरफ स्थानीय स्तर पर मंत्री के निर्देश के बावजूद अवैध मीट दुकानों पर कार्रवाई का इंतजार है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में अवैध और अनियंत्रित स्लाटर हाउस पर निगरानी के लिए गठित राज्य स्लाटर हाउस मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक भी बार-बार टल रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत गठित इस कमेटी की बैठक पहले 6 अगस्त, फिर 10 अगस्त और अब 11 अगस्त को तय की गई है। कुछ ही दिनों में तारीख में तीसरी बार बदलाव ने प्रशासनिक गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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10 दिन की मियाद, तीन महीने का इंतजार
मई 2026 में बुढ़नपुर और इंदिरा कॉलोनी में बिना लाइसेंस मीट की दुकानें संचालित होने की शिकायत जिला एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री कृष्ण लाल पंवार के समक्ष पहुंची थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने नगर निगम और संबंधित विभागों को 10 दिन के भीतर विशेष अभियान चलाकर अवैध दुकानों को हटाने के निर्देश दिए थे। निर्देश जारी होने के बाद कार्रवाई की समय सीमा भी स्पष्ट थी, लेकिन करीब तीन महीने बाद भी मामला पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मंत्री के स्तर से समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश जारी होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया।

कार्रवाई से पहले बैठक की तारीखों का खेल
प्रदेश में अवैध स्लाटर हाउस और मीट दुकानों पर कार्रवाई की रणनीति तय करने के लिए राज्य स्लाटर हाउस मॉनिटरिंग कमेटी की अहम बैठक होनी है। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार बैठक अब 11 अगस्त को दोपहर तीन बजे हरियाणा नए सिविल सचिवालय, सेक्टर-17, चंडीगढ़ स्थित कमरा नंबर 622 में होगी। बैठक की अध्यक्षता शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कमिश्नर एवं सचिव करेंगे। इससे पहले बैठक 6 अगस्त को प्रस्तावित थी। बाद में तारीख बदलकर 10 अगस्त की गई और अब फिर संशोधन करते हुए 11 अगस्त कर दी गई है।

जिन मुद्दों पर होनी है आर-पार की चर्चा
मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में प्रदेश में बिना लाइसेंस चल रहे स्लाटर हाउस की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई की रणनीति पर चर्चा प्रस्तावित है। पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से विशेष अभियान चलाने और छापेमारी करने के अलावा रिहायशी इलाकों में संचालित वधशालाओं को हटाने का मुद्दा भी उठेगा। इसके साथ ही स्लाटर हाउस के आधुनिकीकरण, प्रदूषण नियंत्रण, मीट वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण और वधशालाओं में बाल श्रम की रोकथाम जैसे गंभीर विषयों पर भी विचार होना है।

बड़े अधिकारियों की कमेटी, फिर भी फैसले का इंतजार
राज्य स्लाटर हाउस मॉनिटरिंग कमेटी में स्वास्थ्य, पंचायत और पशुपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, खाद्य सुरक्षा आयुक्त समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके बावजूद बैठक की तारीख लगातार बदलने और स्थानीय स्तर पर मंत्री के निर्देशों के बाद भी कार्रवाई में देरी होने से व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। खासकर तब, जब मामला अवैध वधशालाओं, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, प्रदूषण और रिहायशी इलाकों से जुड़ा है।
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अब 11 अगस्त पर टिकी निगाहें
एक ओर मंत्री के 10 दिन के निर्देश के बावजूद बुढ़नपुर और इंदिरा कॉलोनी की दुकानों पर कार्रवाई लंबित है, वहीं दूसरी ओर राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक तीसरी बार टल चुकी है। ऐसे में अब निगाहें 11 अगस्त की बैठक पर टिकी हैं। देखना होगा कि इस बार बैठक तय समय पर होती है और अवैध मीट दुकानों व स्लाटर हाउस पर कार्रवाई के लिए ठोस निर्णय लिया जाता है या फिर तारीखों का यह सिलसिला आगे भी जारी रहता है।
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