पंचकूला। आरटीआई के माध्यम से हुक्का बार से संबंधित मांगी गई जानकारी न देने पर राज्य जनसूचना आयोग ने संज्ञान लेते हुए सहायक स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर और ड्रग्स कंट्रोल विभाग को कड़ी चेतावनी देते हुए फटकार लगाई है। इसके साथ ही आयोग ने आदेश दिया है कि 30 दिन के अंदर मांगी गई सूचना दें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्य जनसूचना आयोग ने यह सख्ती ड्रग्स कंट्रोलर विभाग की ओर से एनएसयूआई आरटीआई सेल के राष्ट्रीय कन्वीनर एवं शिवालिक विकास मंच के उपाध्यक्ष दीपांशु बंसल को करीब डेढ़ साल बाद भी सूचना न उपलब्ध करवाने पर दिखाई है। सहायक ड्रग्स कंट्रोलर ने दो महीने के बाद सूचना का स्थानांतरण किया, जबकि नियमानुसार सात दिनों में करना होता है।
आयोग ने ड्रग्स विभाग को एक महीने के अंदर पूरी सूचना देने के आदेश दिए हैं। दीपांशु बंसल ने बताया कि अगर उन्हें लगता है कि विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई जाने वाली सूचना में कोई त्रुटि है, तो उसे अंकित कर विभाग को सूचना देने के लिए प्रत्युत्तर लिखें। इसके बाद आयोग को दो सप्ताह में सूचना उपलब्ध करवानी होगी। आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि यदि विभाग आयोग के आदेश का पालन नहीं करता है तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बंसल ने 24 अप्रैल, 2019 को ड्रग्स विभाग से जिला पंचकूला में चल रहे हुक्का बार को विभाग की ओर से दिए गए अनापत्ति पत्रों, परमिशन, परमिटेड और नॉन परमिटेड फ्लेवर्ज समेत आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है, जैसे अनेकों बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी।
हाईकोर्ट में उठा चुके आवाज
जानकारी के मुताबिक अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार को बंद करवाने के लिए युवा नेता दीपांशु बंसल काफी समय से प्रयास कर रहे हैं। इस मामले को लेकर वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका के माध्यम से आवाज उठा चुके हैं, जहां राज्य सरकार ने पूर्ण रूप से विभिन्न कानूनों के अंतर्गत प्रतिबंध होने का दावा किया है। जिसको लेकर कोर्ट ने प्रतिबंध रखने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, डीजीपी, ड्रग्स कंट्रोल विभाग समेत मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को भी अवगत करवा चुके हैं।