माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर की सड़कों को चमकाने के दावे भले ही नगर निगम कर रहा हैं। इंडस्टि्रयल एरिया फेज-1 और 2 इस मामले में सबसे अधिक पीछे हैं। यहां की सड़कों पर गहरे गड्ढे निगम अफसरों को नहीं दिखते हैं। दिखेंगे भी कैसे वह कभी यहां आते ही नहीं। यहां के उद्यमियों का कहना है कि कभी यहां भी निगम अफसर आएं और सड़क पर पड़े गड्ढों से हिचकोलों का आनंदे उठाएं।
इंडस्टि्रयल एरिया फेज-1 और 2 में टूटी सड़कों की मरम्मत का एस्टीमेट अधिकारियों तैयार कर नहीं भेज रहे हैं। इंडस्टि्रयल एरिया आने-जाने वाले बीस हजार से अधिक लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक एस्टीमेट न बनाए जाने के कारण यहां हालात सुधरने की उम्मीद नहीं है। इंडस्टि्रयल एरिया फेज-2 से लगती चंडीगढ़ जाने वाली सड़क से आने जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद जगह-जगह पानी भर जा रहा है। कई बार वाहन फंस जाते हैं।
पंचकूला इंडस्टि्रयल एरिया फेज-1 और 2 की सड़कों पर गहरे गड्ढे हैं। तीन करोड़ की लागत से इन सड़कों को बनाया जाता है लेकिन नगर निगम के अधिकारियों का इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। पंचकूला इंडस्ट्री एसोसिएशन के महासचिव राकेश गर्ग ने कहा कि इंडस्टि्रयल एरिया फेज-2 की सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी है। यहां की सड़कों की रोड गली भी जाम है। इस कारण सड़क पर पानी भर जाता है। करीब दो साल से सड़कों को बनाने का काम नहीं हुआ है। इंडस्टि्रयल एरिया फेज-2 से चंडीगढ़ मेन रास्ते पर जाने वाली सड़क पर तीन फुट तक के गड्ढे हैं। रात में कई बार लोग सफर के दौरान चोटिल हो रह हैं। उद्यमी विशाल सागर ने बताया कि सबसे ज्यादा टैक्स देने वाला एरिया सबसे ज्यादा अनदेखी का शिकार हो रहा है। निगम अफसरों को भी आकर इन गड्ढों के हिचकोलों का आनंद लेना चाहिए।
कोट
सड़कों को बनवाने के लिए अधिकारियों से एस्टीमेंट मांगा गया है। जैसे ही एस्टीमेट मिल जाएगा तो सड़कों के लिए तुरंत बजट पास किया जाएगा। इसके लिए विभाग को सर्वे के निर्देश दिए हैं।
अपराजिता, कमिश्नर, नगर निगम, पंचकूला