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104 डिग्री बुखार पर टेस्ट के लिए कर रहे घंटों इंतजार

Mon, 12 Sep 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/पंचकूला
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डेंगू के मरीजों को परेशानी - फोटो : अमर उजाला
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सेक्टर-6 स्थित जनरल अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले डेंगू के मरीजों को भी टेस्ट के लिए लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। 104 डिग्री बुखार होने के बावजूद रविवार को मरीज घंटों लाइन में खड़े रहे। 
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इमरजेंसी में टेस्ट के लिए विशेष काउंटर न होने के कारण डेंगू के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह थी की लाइन में खड़े बुखार से तपते मरीजों के तीमारदार तापमान कम करने के लिए गीले कॉटन से उनका सिर पोछ रहे थे। 104, 103, 102 व 101 डिग्री बुखार होने के कारण मरीज सही तरीके से लाइन में खड़े भी नहीं हो पा रहे थे।

स्थिति नाजुक होने पर कई मरीज स्ट्रेचर और व्हील चेयर से टेस्ट करवाने पहुंचे थे। जो मरीज टेस्ट काउंटर पर रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए खड़े थे, उनके हाथों में ड्रिप लगे थे। मरीजों का कहना है कि मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के नाम पर यहां व्यवस्था शिफर है। अस्पताल की बिल्डिंग से क्या होगा, अगर सुविधाएं देने के लिए समय पर स्वास्थ्य कर्मी ही नहीं होंगे।     
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टेस्ट रिपोर्ट के लिए पहुंची महिला बेहोश 
रामगढ़ निवासी माला देवी को 103 डिग्री बुखार था। कई दिनों से तेज बुखार होने के कारण वह ठीक तरीके से चल भी नहीं पा रही थीं। वह टेस्ट का सैंपल देने के लिए काफी देर तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन जब रिपोर्ट लेने पहुंची तो उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। तेज बुखार के कारण काफी देर तक स्ट्रेचर पर टेस्ट रिपोर्ट के लिए लाइन में लगने के कारण वह बेहोश हो गईं।   

एनएबीएल लैब, समय पर टेस्ट नहीं 
जनरल अस्पताल का लैब एनएबीएल है, लेकिन मरीजों को यहां टेस्ट के लिए घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। यहां मरीजों को रिपोर्ट भी समय पर नहीं मिलती। क्योंकि लैब में पर्याप्त स्टाफ नहीं है। यहां पर सिर्फ दो काउंटर बनाए गए हैं। एक पुरुष और दूसरा महिलाओं के लिए। मरीजों की तादात इतनी है कि रोजाना यहां सैकड़ों मरीज टेस्ट के लिए चार से पांच घंटे लाइन में खड़े रहते हैं। वहीं इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। 

क्या कहते हैं मरीज 
101 बुखार है। चल नहीं पा रहा हूं। इमरजेंसी में जांच के लिए आया था। प्लेटलेट्स कम हैं। डॉक्टर ने टेस्ट करवाने के लिए लिखा है। लेकिन यहां टेस्ट तो दूर, एक घंटे से स्ट्रेचर पर रजिस्ट्रेशन काउंटर के बाहर लेटा हूं। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भी यहां टेस्ट के लिए लाइन में लगना पड़ता है।  
- प्रदीप, निवासी मौलीजागरां। 

12 बजे से लाइन में लगा हूं। 103 बुखार है। इमरजेंसी में जांच कराया था। डॉक्टर ने तुरंत टेस्ट रिपोर्ट मांगी है। दो घंटे बीत चुके हैं। अब तक टेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन स्लिप तक नहीं मिली। तेज बुखार के कारण खड़ा भी नहीं हो पा रहा हूं।  
-ललित, सेक्टर-5 पंचकूला। 

टेस्ट करवाने के लिए ढाई घंटे से लाइन में लगी थी। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर कोई स्टाफ नहीं था। इमरजेंसी के डॉक्टर टेस्ट रिपोर्ट मांग रहे हैं। 104 बुखार है। पहले तो कुछ देर खड़ी रही। जब शरीर कांपने लगा तो बैठ गई। स्वास्थ्य कर्मियों से गुहार लगाया तो वह बोल रहे हैं कि यहां पिकनिक मनाने आई हो। रविवार को टेस्ट नहीं होगा, सोमवार को आना। 
- किरण देवी, डेराबस्सी।

कोट्स
मच्छर जनित बीमारियों के मद्देनजर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए एक अलग टेस्ट काउंटर बनाने के संबंध में सिविल सर्जन पंचकूला को निर्देश दिया जाएगा। ताकि मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े। 
- हेमा शर्मा, एडीसी पंचकूला।

कोट्स
इमरजेंसी में मच्छर जनित बीमारियों से पीड़ित मरीजों के टेस्ट के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए लैब इंचार्ज को निर्देश दिया जाएगा। मरीजों को बिल्कुल परेशानी नहीं होगी। 
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- वीके बंसल, सिविल सर्जन पंचकूला।
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