पंचकूला। बरवाला के भरैली गांव में कई दिनों से बीमार एक महिला की भी मौत हो गई है। इस प्रकार गांव में तीन डेंगू संदिग्ध मरीजों की मौत हो गई है। इसके अलावा 23 लोग अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। 24 हजार से कम प्लेटलेट्स मिलने पर दो मरीजों को सेक्टर-6 सिविल अस्पताल रेफर किया गया है। भरैली में स्वास्थ्य विभाग ने 443 घरों में फॉगिंग करवाकर सर्वे किया। टीम ने करीब 50 लोगों के सैंपल लिए हैं। विभाग की टीम को अब तक 20 घरों में डेंगू के लारवा मिले हैं। दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग की तरफ रविवार को जिले में 24 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जिले में डेंगू पीड़ित मरीजों का आंकड़ा 446 पहुंच गया है। गांव भरैली में बीमार लोगों की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद रविवार सुबह ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने हरकत में आकर गांव में डेरा डाला। गांव में डेंगू से संदिग्ध तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
गांव के 443 घरों का सर्वे किया
रविवार सुबह से ही गांव में स्वास्थ्य कर्मचारियों और डॉक्टरों की टीम तैनाती कर दी गई थी। जिस भरैली गांव में छह माह से सफाई नही हो रही थी, वहां सुबह नींद खुलते ही लोगों ने देखा कि सफाई कर्मचारी नालियों और सड़कों की सफाई में जुटे हैं। बरवाला के स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरे गांव के करीब 443 घरों का सर्वे किया और सभी घरों में फॉगिंग करवाई। बुखार से पीड़ित मरीजों की डॉक्टरों की टीम ने जांच की। लैब टेक्नीशियन ने जांच के लिए ब्लड सैंपल भी एकत्रित किए। दो मरीज आकृति और मनप्रीत को 24 हजार प्लेटलेट्स मिलने पर सिविल अस्पताल रेफर किया। मृतक सुनीता करीब 25 दिनों से बुखार से पीड़ित थी, स्थानीय लोगों ने बताया कि वह गांव के ही नजदीकी मेडिकल स्टोर से मेडिसिन ले रही थी, लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की स्थानीय लोगों से अपील है कि बुखार जुकाम के लक्षण दिखे तो तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं, ताकि समय रहते जांच के बाद बीमारी का पता चल सके।
24 नए केस, डेंगू का आंकड़ा पहुंचा 446
जिले में रविवार को 24 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें सेक्टर-2, 4 और 9, खड़क मंगोली, बुढ़नपुर, राजीव कॉलोनी के मरीज शामिल हैं। इसी के साथ जिले में डेंगू का आंकड़ा 446 पहुंच गया है। जहां से डेंगू के नए मरीजों की पुष्टि हुई है, वहां एंटी लारवा दवा का छिड़काव करवाया जा रहा है। साथ सभी एरिया में फॉगिंग करवाई जा रही है। डॉक्टरों की माने तो रविवार की बारिश के बाद आर्र्दता बढ़ी तो डेंगू को संभालना मुश्किल हो जाएगा।
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पिछले पांच दिनों से बीमार हूं। तेज बुखार और शरीर में दर्द है। चल भी नहीं पा रही हूं। गांव से ही डॉक्टर से दवाई ली थी, लेकिन आराम नहीं मिला। गांव में सफाई नहीं होने के कारण लोग डेंगू की चपेट में आए हैं। यदि नियमित गांव में सफाई कर्मचारी सफाई के लिए आते तो इतने लोग बीमार न पड़ते। - जोगिंदरों देवी, निवासी भरैली, बरवाला।
कई दिनों तक बुखार रहा। जांच कराया तो डेंगू की पुष्टि हुई। गांव में ज्यादातर लोग बीमार हैं। गांव में साफ-सफाई नहीं होने के चलते मच्छर पैदा हो रहे हैं। यहां के स्थानीय लोग बीमार हो रहे हैं। - रजनीबाला स्थानीय निवासी, भरैली बरवाला।
दो दिनों से बुखार है। पास के डॉक्टर से मेडिसिन ली थी, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। रविवार को सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों से जांच करवाया है। ब्लड सैंपल भी लिए गए हैं। पूरे गांव को डेंगू ने अपने गिरफ्त में ले लिया है। -अंकित, निवासी भरैली, बरवाला।
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गांव के सभी घरों का सर्वे और फॉगिंग करवाया गया है। जहां बुखार से पीड़ित मरीज मिले हैं, उनका सैंपल जांच के भेजा गया है। लोगों को मेडिसिन दी गई है। जिनके प्लेटलेट्स कम थे, उन्हें पंचकूला सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल भेजा गया है। - मुक्ता कुमार, सीएमओ पंचकूला।
करवाचौथ का व्रत, फिर उपचार में जुटी रहीं महिलाएं
करवाचौथ के व्रत के बाद भी जब सक्षम, आशा वर्कर और डिस्पेंसरी में तैनात महिलाओं को पता चला कि गांव में ज्यादा लोग बीमार हैं तो व्रत में ही लोगों की जांच और सर्वे करने के लिए निकली पड़ीं। पूरे दिन गांव के हर घर का सर्वे किया और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी महिलाओं ने जांच की। इनमें सरकारी डिस्पेंसरी की एएनएम उर्मिला, शर्मिला, डॉक्टर शिवानी शर्मा, आशा वर्कर सुमन, मंजीत, किरना, निर्मला सीमा, राजबाला, सक्षम से दीक्षा जैसमीन शामिल रहीं।