माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। बारिश के बाद जिले में डेंगू के लारवा की डेनसिटी बढ़ गई है। लेकिन नगर निगम और नगर परिषद इसके प्रति गंभीर नहीं दिख रहा है। आलम यह है कि दोबारा सर्वे में 200 लोगों के घर लारवा मिला है, अभी तक उनके चालान तक नहीं किए गए हैं। वहीं, डीसी के निर्देश के बावजूद दवा के छिड़काव का शेड्यूल तक जारी नहीं किया गया है। डेंगू के लिए काम करने वाले बॉयोलॉजिस्ट, इनसेक्ट कलेक्टर की पोस्ट खाली हैं, इन्हें नहीं भरा जा रहा है।
सिविल अस्पताल में रोजाना डेंगू के 35 टेस्ट हो रहे हैं। वहीं बुखार और प्लेटलेट्स कम होने के करीब सौ मरीज एक सप्ताह में बढ़ गए हैं। इस समय जिले में 11 डेंगू के मामले सामने आए हैं। पिछले साल के डेंगू का खौफ लोगों के जेहन में है। इस डर को देखते हुए लोग निगम कमिश्नर को दवा के छिड़काव के लिए ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही नजर आ रहा है।
डीसी के निर्देश के बावजूद जमीनी स्तर पर नहीं हो रहा काम
जिले में डेंगू पर बीते 15 जुलाई को डीसी ने स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निगम सहित दस से अधिक विभागों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद फॉगिंग का शेड्यूल जारी करने की बात की थी। इस पर भी अभी जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। दवा के छिड़काव न होने से पंचकूला, कालका, पिंजौर, बरवाला और रायपुररानी में डेंगू के लारवा पाए जा रहे हैं। एक महीने के अंदर चेकिंग में 3500 घरों में लारवा मिला है। सबसे ज्यादा लारवा कालका औैर पिंजौर मेंं मिल रहे हैं।
सिविल अस्पताल में बुखार के मरीज बढ़े
सिविल अस्पताल में रोजाना साढ़े चार हजार मरीज की ओपीडी होती है। ओपीडी मेंं पहले बुखार के 400 मरीज आते थे, अब करीब 600 मरीज आ रहे हैं। इसमें मरीज एमडी मेडिसिन और स्पेशल बुखार की ओपीडी में आ रहे हैं। इसमें मरीजोंं में प्लेटलेट्स कम होने और डेंगू के टेस्ट बढ़ गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने मांगी फॉगिंग की जानकारी, निगम ने साधी चुप्पी
पंचकूला के शहरी क्षेत्र में फॉगिंग के लिए दवा नगर निगम की ओर से खरीदी जाती है। इसके बाद फॉगिंग की जाती है। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने मांगी, लेकिन नगर निगम की ओर से जानकारी नहीं दी गई। फॉगिंग का अभी तक शेड्यूल नहीं बनाया गया है। वहीं कालका, पिंजौर में दवाई का छिड़काव स्वास्थ्य विभाग कालका नगर परिषद को देता है। परिषद की ओर से दवाई लेने के बाद भी अभी तक फॉगिंग नहीं की गई है। फॉगिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास नौ मशीनें हैं। वहीं, नगर निगम इसकी जानकारी नहीं दे रहा।
डेंगू से ऐसे करें बचाव
- डेंगू से बचने के लिए मच्छरों को घर और आसपास के क्षेत्र में पनपने न दें। इसके लिए पानी के जमाव को रोकें। पूरे बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग करें।
- घर के अंदर और बाहर.. खासकर गमलों, टायरों, और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें, क्योंकि ये मच्छरों के प्रजनन के लिए उत्तम स्थान होते हैं।
- बच्चे और गर्भवती महिलाएं सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
- अपने घर के आसपास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखें ताकि मच्छरों को छिपने की जगह न मिले।
-जैसा कि पंचकूला जिला मलेरिया अधिकारी संदीप जैन ने बताया
बॉक्स -
वर्ष डेंगू के केस आए - मौत
2019 33 0
2020 78 0
2021 906 1
2022 2022 5
2023 689 2
2024 1324 6
2025 11 0
कोट -
जहां लारवा मिल रहा है, वहां के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24 लीटर दवा कालका नगर परिषद को दी जा चुकी है। फॉगिंग के लिए नगर निगम अपने स्तर पर खरीद भी खुद करता है। इसके बावजूद नगर निगम ने फॉगिंग का शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। इस कारण डेंगू की खतरा अधिक है। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल पंचकूला
कोट
नगर निगम की ओर से जल्द ही फॉगिंग के लिए शेड्यूल जारी किया जाएगा। इसमें जो भी बचाव के कदम हैं। उन्हें जल्द उठाया जाएगा।
-आरके सिंह, कमिश्नर, नगर निगम, पंचकूला
कोट -
सभी विभागों के साथ डेंगू से बचाव को लेकर मीटिंग की है। विभाग अगर एहतियात नहीं बरतेंगे तो कारण बताओं नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। -मोनिका गुप्ता, डीसी, पंचकूला