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Panchkula News: पंचकूला में डेंगू की दस्तक, कालका-सूरजपुर में मिले चार मरीज<bha>;</bha> मलेरिया के भी 5 केस

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1,735 घरों में लारवा मिलने पर नोटिस, 6,300 बुखार मरीजों की ब्लड स्लाइड जांची विभाग ने तेज किया सर्वे
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सेब मंडी में मिले दो डेंगू मरीजों की दिल्ली और हिमाचल की ट्रेवल हिस्ट्री
आदित्य शर्मा
पंचकूला। मानसून के बीच पंचकूला में डेंगू और मलेरिया ने दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग की जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार कालका में डेंगू का एक और सूरजपुर में तीन मरीज मिले हैं, जबकि जिले में मलेरिया के पांच केस सामने आ चुके हैं। डेंगू के चार मरीजों में से दो सूरजपुर की सेब मंडी क्षेत्र में मिले हैं और उनकी दिल्ली व हिमाचल प्रदेश की ट्रेवल हिस्ट्री सामने आई है। मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील इलाकों में घर-घर सर्वे, लारवा जांच और फॉगिंग तेज कर दी है।

संवेदनशील इलाकों में सघन सर्वे
जिला मलेरिया विभाग के इंस्पेक्टर जसबीर ने बताया कि कालका के खेड़ा सीताराम, टिब्बी मोहल्ला, परेड मोहल्ला और खटीक मोहल्ला, पिंजौर की बिटना कॉलोनी, रथपुर कॉलोनी और विश्वकर्मा कॉलोनी, सूरजपुर के डीएलएफ और अमरावती एरिया तथा ओल्ड पंचकूला के घग्गर हट्स को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रखा गया है। इन इलाकों में अब तक 1,735 घरों की जांच के दौरान लारवा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। सूरजपुर में खुले कंटेनरों में पानी जमा होने से मच्छरों के लारवा पनपने की शिकायतें भी मिली हैं।
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112 स्वास्थ्यकर्मी जुटे जांच में
विभाग ने सर्वे के लिए 32 मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर, 80 डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर और आशा वर्करों की टीमें लगाई हैं। टीमें घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकियों, गमलों और खुले बर्तनों में जमा पानी की जांच कर रही हैं। 12 सुपरवाइजर रोजाना फील्ड में टीमों के काम की निगरानी कर रहे हैं।

6,300 ब्लड स्लाइड की जांच
जुलाई में बुखार से पीड़ित मरीजों की 6,300 ब्लड स्लाइड तैयार कर जांच की गई। अकेले सूरजपुर में घरों से 400 स्लाइड ली गईं। इनमें 198 स्लाइड घरों से और 202 अस्पतालों में तैयार की गईं। विभाग के अनुसार इन स्लाइड की जांच में डेंगू-मलेरिया के लक्षण नहीं मिले। जहां डेंगू या मलेरिया के मरीज मिले, वहां तत्काल फॉगिंग कर आसपास 200 मीटर के दायरे में विशेष सर्वे कराया गया।

लारवा न पनपने दें, यही सबसे बड़ा बचाव
जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा कि मानसून में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। घरों में पानी जमा न होने दें, कूलर का पानी हर सप्ताह बदलें, पानी की टंकियों को ढककर रखें और गमलों में पानी जमा न होने दें। बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं।

विभाग का लक्ष्य पंचकूला के करीब 1.50 लाख घरों में सर्वे पूरा करना है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द या शरीर पर लाल चकत्ते होने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है। बिना डॉक्टर की सलाह दवा न लेने और समय पर उपचार कराने की सलाह दी गई है।
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संवेदनशील इलाकों पर विशेष फोकस : सीएमओ

सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू और मलेरिया से निपटने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। मानसून में संवेदनशील इलाकों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर, डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर और आशा वर्करों की टीमें घरों में जाकर लारवा की जांच कर रही हैं। उन्होंने लोगों से बुखार होने पर खून की जांच कराने और डॉक्टर के संपर्क में रहने की अपील की।
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