पंचकूला। हरियाणा रोडवेज की हड़ताल के दौरान उनकी जगह तैनात चालकों -परिचालकों ने सोमवार को शहर में प्रदर्शन किया। विधानसभा का घेराव करने चंडीगढ़ जा रहे चालक-परिचालकों को हाउसिंग बोर्ड पर रोक दिया गया। इन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर बस स्टैंड के पास छोड़ा। इस दौरान उनके प्रतिनिधिमंडल को परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों के पास बातचीत के लिए भेजा। हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 2018 में हड़ताल पर गए थे। उस दौरान बसों के संचालन के लिए चालक-परिचालक की योग्यता रखने वाले युवकों को तुरंत भर्ती किया गया था।
साथ ही उन्हें सरकार ने आश्वासन दिया था कि बाद में उनको स्थायी रोजगार दिया जाएगा। मगर हड़ताल खत्म होने के बाद उन चालक-परिचालकों को नौकरी से हटा दिया गया। विभाग और सरकार के चक्कर काटने के बाद भी जब उनको रोजगार नहीं मिला तो चालक-परिचालकों ने 5 दिसंबर 2021 को सेक्टर-5 में धरना शुरू कर दिया। तब से वहां अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप खरब ने बताया कि उन्होंने सोमवार को विधानसभा घेराव करने का फैसला लिया था। सुबह से ही सेक्टर-5 में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। दोपहर दो बजे सभी चालक-परिचालक विधानसभा घेराव के लिए रवाना हुए थे।
एसीएस से मुलाकात के बाद लेंगे आगामी निर्णय
प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप खरब ने बताया कि पुलिस ने उनके प्रदर्शन को रोककर पांच लोगों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात परिवहन विभाग के एसीएस नवदीप विर्क से कराने का आश्वासन दिया। उसके बाद प्रदीप खरब, जीत डांगी, सचिन दलाल, राजेश और सुनील एसीएस से मुलाकात के लिए चंडीगढ़ पहुंचे। मगर वे वहां पर नहीं थे। विभाग के अन्य उच्चाधिकारियों के साथ प्रतिनिधिमंडल ने बात की। उन्होंने फैसला लिया कि जल्द ही नवदीप विर्क से मुलाकात की जाएगी और उनसे मिलने के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी।