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Panchkula News: कुत्ते की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग

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पंचकूला। बीते रविवार सुबह पंचकूला के पॉश सेक्टर-20 की अनाज मंडी से शेरू नामक लावारिस कुत्ते का बंधा हुआ शव मिलने का मामला गरमा गया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने कुत्ते को जहर की टीका देकर मौत के घाट उतारा है। यह कुत्ता सेक्टर की सब्जी मंडी में रहता था और कई लोगों से उसका लगाव हो गया था। इस मामले में लोगों ने पुलिस से एफाआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बताया जा रहा है कि शेरू का टीकाकरण भी हुआ था कि उसके काटने पर किसी को बीमारी न हो। रविवार को सुबह उसे सबसे पहले सेक्टर-20 निवासी प्रीति पाहवा ने देखा। उन्होंने बताया कि उसके चारों पैर रस्सियों से बंधे थे, मुंह से खून और नीले रंग का तरल पदार्थ निकल रहा था। प्रीति ने बताया कि सरकारी पशु चिकित्सा अस्पताल और पुलिस की ओर से अभी तक उन्हें सहयोग नहीं मिला है। इस मामले में उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री और पीपल फॉर एनीमल्स की संस्थापक मेनका गांधी को शिकायत भेजी है। इसके अलावा थाने में भी शिकायत दी है।
एक महीने में तीसरा ऐसा मामला
कुत्ते की मौत से परेशान प्रीति ने बताया कि वह सेक्टर की महिलाओं के साथ करीब 150 लावारिस कुत्तों को रोज खाना खिलाते हैं। शेरू बहुत प्यारा, स्वस्थ और शांत कुत्ता था। जिस तरह से उसे मारा गया, वह मानवता पर धब्बा है। उसके चारों पैर बांध दिए गए, ताकि वह अपनी जान भी न बचा सके। इस तरह इंसानियत से गिरने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रीति के बताया कि अनाज मंडी और सेक्टर-20 में यह पिछले एक महीने में तीसरा ऐसा मामला है, जब इसी तरह किसी लावारिस कुत्ते को जहर देकर मारा गया है। आशंका है कि सेक्टर में कुछ पशु विरोधी लोग इन कुत्तों को जहर देकर मार रहे हैं। अगर इन्हें नहीं रोका गया तो ये सारे कुत्तों को खत्म कर देंगे।
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पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर
घटना की सूचना मिलने पर सेक्टर- 20 पुलिस चौकी से एएसआई कुलदीप सिंह ने प्रीति, मुदिता, रूमा और सविता को सेक्टर-3 स्थित सरकारी पशु अस्पताल पेट एनीमल सेंटर ले जाकर शेरू के शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। रविवार होने के कारण वहां कोई पशु चिकित्सक मौजूद नहीं था, लेकिन काफी प्रयासों के बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बार-बार आग्रह के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की, और केवल एक डेली डायरी रिपोर्ट (डीडीआर) दर्ज की है। प्रीति ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हम तीन घंटे से ज्यादा समय तक थाने में बैठे रहे, फिर भी हमें सिर्फ डीडीआर देकर भेज दिया गया। सेक्टर-20 के थाना प्रभारी सोमवीर ढाका ने बताया कि कुत्ते की मौत की जांच कर रहे हैं। कोई पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। घटनास्थल के आसपास तीन सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, परंतु पुलिस ने अब तक फुटेज जब्त नहीं की है।
हाईकोर्ट के वकील बोले- एफआईआर दर्ज होनी चाहिए
सोमवार को इस मामले में जब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता सिद्धार्थ अरोड़ा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने स्वयं एसएचओ से मिलकर बीएनएस की धारा 173, 325 व प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट, 1960 की धारा 11(1)(एल) के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इस पर वह टालमटोल करने लगे। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि यह सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बिल्कुल खिलाफ है। जब कोई संज्ञेय अपराध सामने आता है, तो पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करनी होती है। अगर सेक्टर 20 की पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती है तो पंचकूला की डीसीबी से बात करेंगे।
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