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पंचकूला में जिला जेल बनाने की मांग, आरडब्ल्यूए ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

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पंचकूला। 1995 में पंचकूला को जिला बनाया गया था, लेकिन 26 साल बाद भी यहां जेल नहीं बन पाई। यह कहना है रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) सेक्टर-16 के महासचिव सुभाष पपनेजा का। उन्होंने हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर जिला जेल बनाने की मांग की है।
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उन्होंने बताया कि जिले में सीबीआई से लेकर एनआईए तक की अदालतें तो बन गई हैं, जिसमें बड़े गंभीर मामलों में रोजाना आरोपियों को पेश किया जाता है, परंतु आज तक जेल का निर्माण नहीं हो सका है। राज्य में तीन सेंट्रल और 19 जिला जेल हैं। जहां पर कैदियों को रखा जाता है। पंचकूला जिले के कैदियों को अंबाला सेंट्रल जेल में भेजा जाता है और यह प्रथा उसी समय से जारी है, जब पंचकूला अंबाला जिले के अंतर्गत आता था।
पंचकूला में सीबीआई, एनआईए कोर्ट सहित लगभग 15 कोर्ट हैं और प्रतिदिन 50 से अधिक कैदियों को अंबाला से पंचकूला लाया व वापस भेजा जाता है। यह एक खर्चीली, असुरक्षित, खतरनाक व्यवस्था है।
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2015 में सीपीएस ने की थी घोषणा
2 सितंबर 2015 को सीपीएस (जेल एवं राजस्व) श्याम सिंह राणा ने पिंजौर में घोषणा की थी कि भूमि अधिग्रहण बिल पास होने के तुरंत बाद प्रदेश की चौथी सेंट्रल जेल का निर्माण पिंजौर के गांव बाड़ गोदाम में किया जाएगा। आज तक न तो सेंट्रल जेल और न ही जिला जेल का निर्माण शुरू हुआ है। रेसुभाष पपनेजा ने बताया कि जिला न्यायालय के नजदीक उचित स्थान का चयन कर जेल निर्माण करवाया जाए, क्योंकि चंडीमंदिर के पास कई एकड़ जमीन नगर निगम की खाली पड़ी है। लगभग सभी पूर्व जिला पुलिस मुखियों का भी कहना था कि पंचकूला में जेल बन जाने से बहुत प्रकार की कानून एवं व्यवस्था की समस्या हल हो जाएंगी।
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