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Panchkula News: पंजाब में निजी साइलो को मंडी यार्ड बनाने का फैसला रद्द

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चंडीगढ़। पंजाब में मार्केट कमेटियों में निजी साइलो की ओर से गेहूं की खरीद को लेकर विवाद पर आखिरकार सरकार को यू-टर्न लेना पड़ा है।सरकार ने निजी साइलो को मंडी यार्ड में बदलने का फैसला रद्द कर दिया है। किसानों ने इस पूरे मामले पर निजी साइलो को लेकर एतराज जताया था। किसानों के एतराज को विपक्षी दलों ने मुद्दे के रूप में भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मार्केट में गेहूं की खरीद को लेकर किसानों, आढ़तियों और पल्लेदारों के प्रदर्शन के बाद सरकार को भी सामने आकर अपना रुख स्पष्ट करना पड़ा। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मलविंदर कंग व सीनियर नेता हरचंद सिंह बरसट ने पुरानी सरकारों पर निशाना साधा। सरकार पर लग रहे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उन्होंने कहा कि साइलो से खरीद का अधिकार छीन लिया गया है।
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इसी के साथ पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन और आम आदमी पार्टी पंजाब के महासचिव हरचंद सिंह बरसट ने 26 मार्केट कमेटियों को भंग करने के तथ्यों का खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी मार्केट कमेटी भंग नहीं हुई है और न ही ऐसी कोई योजना है।
बरसट ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने निजी साइलो को मंडी यार्ड में बदलने का फैसला रद्द कर दिया है। किसानों की मांगों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस संदर्भ में पंजाब मंडी बोर्ड की ओर से मंगलवार को आदेश भी जारी किए गए। निजी साइलो पर खड़े हुए विवाद पर सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मंडी यार्ड बनाने का फैसला 2013 में अकाली-भाजपा सरकार ने लिया था। तब वे साइलो को खरीद केंद्र बनाते थे, लेकिन सीएम ने 15 और 23 मार्च की जारी नोटिफिकेशन को डी-नोटिफाई कर दिया।
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मंडी बोर्ड चैयरमेन ने कहा कि जहां तक खरीद केंद्रों की संख्या का सवाल है तो किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर साल नए खरीद केंद्र स्थापित किए जाते हैं। अभी तक पंजाब में कुल 1907 खरीद केंद्र हैं। इस बार 47 नए केंद्र और जुड़े हैं। किसानों की सुविधा को मुख्य रखते हुए हर वर्ष मंडियों की संख्या बढ़ाई जाती है। उन्होंने कहा कि 2013 में 3, 2014 में 1, 2015 में 4, 2017 में 1, 2018 में 4, 2019 में 1, 2021 में 1, 2023 में 10 साइलो को खरीद केंद्र घोषित किया गया। वर्ष 2024 में 12 साइलो को भी खरीद केंद्र घोषित किया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किसी भी निजी साइलो को खरीद केंद्र नहीं बनाने का निर्णय लिया।
किसानों की अन्य मांगें
निजी साइलो के खरीद के अलावा किसानों ने मंडियों में साफ-सफाई न होने, पेयजल की समस्या, मजदूर और पल्लेदारों के लिए व्यवस्था न होने के मुद्दे उठाए थे। इस पर बरसट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब सरकार ने आगामी खरीद सीजन के लिए उचित प्रबंध किए हैं। व्यवस्था बनाते समय किसान, मजदूर, कारीगर, व्यापारी सभी का ध्यान रखा जाता है। बाजारों की साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, बैठने के लिए छायादार स्थान आदि की व्यवस्था की जाती है। पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन ने मंडियों को भंग करने की किसी भी खबर से इन्कार करते हुए आश्वासन दिया है कि पंजाब सरकार और मंडी बोर्ड किसानों, मजदूरों, आढ़तियों और व्यापारियों की सुविधा के अनुसार काम करते हैं और काम करते रहेंगे।
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