निशांत कुमार यादव ने की नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक की अध्यक्षता
केमिस्टों के पास उपलब्ध अनुसूचित-एच दवाओं के रिकॉर्ड की निगरानी के लिए पोर्टल विकसित करने का निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। शहर के डीसी निशांत कुमार यादव ने मंगलवार को नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे हर महीने कम से कम दवा की तीन दुकानों की चेकिंग करें। साथ ही उन्होंने अनुसूचित-एच कैटेगरी की दवाओं की निगरानी के लिए विशेष पोर्टल बनाने का भी आदेश दिया, जिससे नशे की दवाओं के दुरुपयोग पर सख्त नियंत्रण किया जा सके।
डीसी ने कहा कि एसडीएम जब केमिस्ट शॉप की जांच करने जाएं तो औषधि निरीक्षकों को भी साथ रखें, ताकि दवाओं की बिक्री और वितरण से संबंधित नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित हो सके। इस दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि चंडीगढ़ की सभी केमिस्ट दुकानों में सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए, जो पूरे परिसर की निगरानी में सक्षम हों। साथ ही इन कैमरों में न्यूनतम 30 दिन की रिकॉर्डिंग स्टोरेज की सुविधा होनी चाहिए। इसका उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और जवाबदेही को सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला सूचना अधिकारी को आदेश दिया कि एक ऐसा पोर्टल विकसित किया जाए, जिसमें सभी केमिस्ट दुकानों की तरफ से उपलब्ध शेड्यूल-एच दवाओं का रिकॉर्ड अपलोड किया जा सके ताकि उनकी रियल-टाइम निगरानी की जा सके।
जीएमएसएच-16 में नशा मुक्ति केंद्र शुरू करने के निर्देश
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग को जीएमएसएच-16 में नशा मुक्ति केंद्र शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा, शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि वे शैक्षणिक संस्थानों की 100 गज की परिधि में संचालित किसी भी तंबाकू विक्रेता की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। इसमें की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 15 दिन में एसपी क्राइम को सौंपनी होगी। पुलिस विभाग और शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से स्कूली बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने के लिए एक कार्य योजना बनाकर उस पर अमल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं तो 14416 पर करें कॉल
बैठक में भारत सरकार की तरफ से शुरू की गई टेली-मानस पहल का भी उल्लेख किया गया। यह कार्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और सहायता सेवाएं टेलीफोन और डिजिटल माध्यमों से प्रदान करता है। इसका उद्देश्य मानसिक तनाव, अवसाद या अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को समय पर सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। डीसी ने कहा कि लोग राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर 14416 पर कॉल करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं।