हरियाणा में अवैध खनन की शिकायत मिलने पर डीसी तुरंत तीन सदस्यीय टीम को लेकर प्रभावित इलाके का दौरा करेंगे। ये जिम्मा हरियाणा सरकार ने अवैध खनन रोकने के लिए डीसी को सौंपा है। खनन माफिया से निपटने के लिए खान एवं भूगर्भ विभाग ने एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की है। जिला टास्क फोर्स क्रशरों की लगातार निगरानी करेगी। मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बुधवार को सभी डीसी और एसपी के साथ अवैध खनन और पर्यावरण के मुद्दे पर वीडियो कांफ्रेंसिंग कर कई निर्देश जारी किए।
कौशल ने कहा कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें। शिकायत मिलने पर डीसी तुरंत 3 सदस्यीय टीम गठित करेंगे। ये समिति तुरंत अवैध खनन स्थल का निरीक्षण करेगी। इसमें एक-एक अधिकारी खान और पुलिस विभाग का होगा। यदि अवैध खनन वन भूमि में है, तो वन और राजस्व विभाग का प्रतिनिधि भी समिति में शामिल किया जाएगा। अवैध खनन क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान समिति वीडियोग्राफी भी करवाएगी। डीसी ड्रोन से भी वीडियोग्राफी भी करा सकते हैं।
कौशल ने खनन क्षेत्रों का समय-समय पर निरीक्षण और पुलिस पेट्रोलिंग कराने के निर्देश दिए हैं। अन्य राज्यों से लगते क्षेत्रों में अवैध खनन में लगे वाहनों की आवाजाही पर अंकुश लगाने के लिए नाके लगाए जाएंगे। अवैध खनन में लगे वाहनों को जब्त कर जुर्माना लगाना होगा, उनके परमिट भी जांचे जाएंगे। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के संबंध में दर्ज मामलों में त्वरित कार्रवाई करें और न्यायालयों में विचाराधीन मामलों की ठोस पैरवी की जाए।
ये है एसओपी
- अवैध खनन गतिविधियों के लिए अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और संरक्षण।
- शिकायत, सूचना पर अवैध खनन की जांच
- वैध परमिट के बिना खनन सामग्री ले जाने वाले वाहनों को जब्त करना।
- स्वीकृत खनन योजना, पर्यावरण मंजूरी की शर्तों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई।