एचसीएस पेपर लीक घोटाले में जिला अदालत में वीरवार को चार्ज पर बचाव पक्ष की रोजमर्रा की बहस खत्म हो गई है। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने तीन सप्ताह के अंदर आरोप तय करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद पहले अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलें खत्म कीं। दोनों पक्ष की दलीलें खत्म होने के बाद अगली सुनवाई पर मामले में आरोपियों पर आरोप तय हो सकते हैं। आरोपियों पर आईपीसी की धारा 199, 420, 120 बी, 201 और पीसी अधिनियम की धारा 8, 9, 13 (1) डी के तहत आरोप तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
यह था मामला
पिंजौर निवासी सुमन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एचसीएस जूडिशियल का पेपर डेढ़ करोड़ रुपये में बिकने और उसे भी पेशकश होने की बात कही थी। सुमन ने अपनी कोचिंग क्लास की साथी सुशीला से लेक्चर की ऑडियो क्लिप मंगाई थी, लेकिन उसने गलती से मामले से संबंधित सुनीता से हुई बातचीत की ऑडियो क्लिप भेज दी। इसमें पेपर में आने वाले प्रश्नों पर हुई बातचीत रिकॉर्ड थी।
सुमन की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अपने स्तर पर जांच की। इसमें पाया कि हाईकोर्ट के ही रिक्रूटमेंट सेल के इंचार्ज रजिस्ट्रार बलविंदर शर्मा के मोबाइल फोन से सुनीता के फोन पर साल भर में सैकड़ों बार बातचीत हुई है। सुनीता ही परीक्षा में टॉपर रही थी। सुशीला नाम की दूसरी लड़की रिजर्व कैटेगरी की टॉपर बनी थी।