चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर और ओमिक्रॉन को देखते हुए हरियाणा ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। पांचों सरकारी मेडिकल कॉलेजों में क्रिटिकल केयर यूनिट तैयार कर ली गई हैं। ऑक्सीजन के मामले में खुद को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर तीन लेयर की प्रणाली तैयार की गई है। साथ ही डॉक्टर और स्टाफ की नियुक्ति की है।
कोरोना की दो लहरों के कारण प्रदेश में न केवल मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में बेड की कमी हो गई थी, बल्कि ऑक्सीजन को लेकर खासी किल्लत झेलनी पड़ी थी। खुद स्वास्थ्य मंत्री कोरोना संक्रमित हुए थे और उनको ऑक्सीजन पर रखा गया था। मरीजों की परेशानी को समझते हुए विज ने छह माह पहले आदेश दिए कि सबसे पहले मेडिकल कॉलेजों को दुरुस्त किया जाए। इसमें क्रिटिकल केयर यूनिट और ऑक्सीजन प्लांट शामिल रहे।
ये है ऑक्सीजन की स्थिति
मेडिकल कॉलेजों में अप्रैल माह में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन 40 हजार थी, अब यह बढ़कर 1.10 लाख लीटर पर मिनट की क्षमता हो गई है। इसके अलावा, पीएसए (प्रेशर स्विंग एड्जार्ब्शन टेक्नालॉजी) प्लांट लगाए गए हैं। इन प्लांट से 13583 एलपीएम ऑक्सीजन उपलब्ध है। तीसरी लेयर की बात करें तो पहले डी टाइप के ऑक्सीजन सिलेंडर 3344 थे, अब इनकी संख्या 23404 हो गई है। इसके अलावा, प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 39 पीएसए प्लांट स्थापित किए गए हैं, जबकि 50 बेड वाले निजी अस्पताल भी पीएसए प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
यूनिट में वेंटिलेटर समेत अन्य सुुविधाएं
मरीजों के स्वास्थ्य की अपडेट के लिए मॉनीटर भी लगे हैं। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, पं. बीजी शर्मा मेडिकल कॉलेज रोहत, बीपीएस खानपुर, शहीद हसन खान मेवाती नल्हड़ मेडिकल कॉलेज मेवात और अग्रोहा कॉलेज में 100-100 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट तैयार की गई हैं। क्रिटिकल केयर यूनिट में सभी बेड पर ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की व्यवस्था है। इमरजेंसी के लिए जरूरी मेडिकल उपकरण भी हैं।
354 डॉक्टर और 503 नर्सों का मिला स्टाफ
स्टाफ की बात करें तो पिछले छह माह में 154 स्पेशलिस्ट डॉक्टर, 200 से सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने अलग-अलग कॉलेजों में नियुक्त किया है। इसी प्रकार, 503 नर्सों को भी नियुक्ति की गई है। वहीं, मेडिकल कॉलेजों में इस समय 640 वेंटिलेटर हैं, 130 और वेंटिलेटर मंगाए जाने हैं। इसी प्रकार, 617 मॉनिटर हैं,100 नए मॉनिटर खरीदे जाने हैं।
यह स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का ड्रीम प्रोजेक्ट था। उनके निर्देशानुसार ही क्रिटिकल केयर यूनिट तैयार की गई है। साथ ही ऑक्सीजन मामले में स्वावलंबी हो सकें हैं। - डॉ. शालीन, निदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय।
कोरोना को लेकर विभाग लगातार सतर्क है और स्थिति के अनुसार निर्णय लिए जा रहे हैं। ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर होने को लेकर ही प्लांट स्थापित किए हैं। हमारा प्रयास है कि सरकारी अस्पतालों और कॉलेजों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री।
कोरोना : हरियाणा में 33 नए केस, सक्रिय मरीज हुए 210
हरियाणा में रविवार को कोरोना संक्रमण के 33 नए केस मिले हैं। अब प्रदेश में कुल एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 210 हो गई है। इनमें से 172 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। सबसे अधिक 16 मामले गुरुग्राम में मिले हैं। फरीदाबाद में 5, पंचकूला में 9, सिरसा, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में 1-1 मरीज मिला है। इस समय प्रदेश में एक दिन की संक्रमण दर 0.09 व कुल दर 5.44 फीसदी चल रही है। मृत्यु दर 1.30 व रिकवरी दर 98.67 प्रतिशत है।