घरवालों से पैसे ऐंठने के चक्कर में अपने ही अपहरण का ड्रामा रचने वाले शख्स को कालका पुलिस ने 24 घंटे में बरामद कर मामले का खुलासा किया है। शुक्रवार शाम को कालका हाउसिंग बोर्ड निवासी अशोक कुमार ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दी की उनका 29 वर्षीय बेटा अनुज स्कूटर से शुक्रवार सुबह सवा 9 बजे के करीब घर से अपनी दुकान परवाणू के लिए निकला था।
करीब 11 बजे अनुज के फोन से उनके नंबर पर किसी अज्ञात व्यक्ति की काल आई। जिसने कहा की आपका बेटा किडनैप हो गया है। इसको छोड़ने के बदले में 10 लाख रुपये कैश देने पड़ेंगे। इस शिकायत पर पुलिस ने शाम को ही केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कालका थानाध्यक्ष उमेद सिंह ने बताया कि टीमें कालका और परवाणू पहुंचीं। वहां पुलिस ने अनुज की दुकान के आसपास के दुकानदारों और उसके दोस्तों से पूछताछ की। अनुज के फोन को भी ट्रैप पर लगाया। सर्च के दौरान पुलिस को जीरकपुर पहुंचने पर अनुज के एक दोस्त ने पुलिस को जानकारी दी कि अनुज कुछ दिन पहले उसके पास 10 लाख रुपये मांगने आया था।
जब पुलिस की सर्च टीमें अनुज के पिता के साथ उसकी तलाश में घूम रहीं थीं तभी रात को उसके पिता के फोन पर फिर अनुज के मोबाइल से काल आई। इस बार बात खुद अनुज बनकर की और उसने अपने पिता से कहा कि जिन लोगों ने उसका अपहरण किया है वे लोग उसे पंजाब के कुराली शहर में छोड़ गए हैं। तभी अनुज के पंजाब स्थित रिश्तेदार उसे लेने पहुंच गये।
उमेद सिंह ने बताया कि जब वे कुराली पहुंचे तो अनुज ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
उसने बताया कि उसका कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया था, लेकिन पुलिस की गहन पूछताछ में उसने सारा सच पुलिस को बता दिया कि उसने खुद पिता से पैसे ऐंठने के लिए ये ड्रामा रचा था।
वो खुद अपने घर से निकलने के बाद एक्टिवा स्कूटर को कालका कॉलेज के सामने खड़ा कर बस में बैठकर पहले पंचकूला, फिर चंडीगढ़ और बाद में कुराली चला गया। पुलिस ने अनुज को हिरासत में ले लिया है। कोर्ट में पेश कर ब्यान दर्ज करवाने के बाद इस केस की आगे की जांच की जाएगी। उधर कालका पुलिस स्टेशन में मौजूद अनुज से जब इस सारे मामले पर पूछा तो उसने बताया कि उसकी कुछ देनदारियों थी, जिसके कारण उसने ये सारा ड्रामा रचा।