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Ambala STF: उधार के पैसे मांगने पर ले ली थी व्यापारी और चार साल के मासूम की जान, 13 साल बाद पकड़े गए आरोपी दंपती

Mon, 18 Jul 2022 10:14 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला

सार

हत्या के बाद दोनों आरोपी नाम बदलकर अपने अलग आधार कार्ड बनाकर अलग-अलग राज्यों में रह रहे थे। उन्होंने बताया कि एसटीएफ की टीम ने दोनों आरोपियों को इंदौर से गिरफ्तार किया है।
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हत्या की आरोपी दंपती। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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अंबाला एसटीएफ की टीम ने हत्या के मामले में 13 साल से फरार मोस्ट वांटेड दंपती को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सेक्टर-16 निवासी एक व्यापारी और उसके चार साल के बेटे की 2009 में हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम रखा था। आरोपी अपनी पहचान बदल कर अलग-अलग राज्यों में रह रहे थे। 

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सेक्टर-16 निवासी विनोद मित्तल और उनके चार साल के बेटे की लोन के पैसे वापस मांगने पर हत्या कर दी गई थी। हत्या की आरोपी दंपती की पहचान राजू और शिल्पा निवासी जीरकपुर के रूप में हुई है। एसटीएफ ने आगामी जांच के लिए आरोपियों को सेक्टर-14 थाना पुलिस के हवाले कर दिया है। अंबाला एसटीएफ यूनिट की टीम में एसआई राम कुमार, पीएसआई रोहित रोहिला, एएसआई पवित्र सिंह, ईएसआई पुरुषोतम सिंह, एएसआई सतवंती, एएसआई कुलदीप सिंह, एचसी बलकार और एचसी संदीप कुमार शामिल थे।    

एसटीएफ अंबाला यूनिट के इंचार्ज एसीपी अमन कुमार ने रविवार को सेक्टर-14 थाने में प्रेसवार्ता में बताया कि हत्या के बाद दोनों आरोपी नाम बदलकर अपने अलग आधार कार्ड बनाकर अलग-अलग राज्यों में रह रहे थे। उन्होंने बताया कि एसटीएफ की टीम ने दोनों आरोपियों को इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब एक साल शिरड़ी (महाराष्ट्र) करीब चार साल हैदराबाद और करीब आठ साल से इंदौर मध्यप्रदेश में रवि पंवार और सुनीता पंवार नाम से रह रहे थे।  

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चार साल के मासूम को जिंदा नहर में फेंक दिया था

एसीपी अमन कुमार ने बताया कि विनोद मित्तल ने आरोपियों को सैलून खोलने के लिए पैसे दिए थे। जब विनोद मित्तल ने पैसे वापस मांगे तो दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना को मृतक के चार साल के बेटे ने देख लिया था। इस पर आरोपियों ने उसे जिंदा ही नहर में फेंक दिया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस द्वारा छह अन्य आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। उनमें से एक नाबालिग था।  

आरोपी अपने परिजनों के संपर्क में नहीं थे

एसीपी अमन कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों के नाम मोस्टवांटेड अपराधियों के लिस्ट में सबसे ऊपर थे। आरोपी दंपती अपनी बेटी के साथ 13 साल से पहचान बदलकर रह रहे थे। दोनों आरोपी पुलिस की पकड़ में न आए इसलिए उन्होंने अपने परिजनों से संपर्क नहीं किया। इस कारण पुलिस आरोपियों तक पहुंच नहीं पा रही थी। 
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