चार साल के मासूम को जिंदा नहर में फेंक दिया था
एसीपी अमन कुमार ने बताया कि विनोद मित्तल ने आरोपियों को सैलून खोलने के लिए पैसे दिए थे। जब विनोद मित्तल ने पैसे वापस मांगे तो दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना को मृतक के चार साल के बेटे ने देख लिया था। इस पर आरोपियों ने उसे जिंदा ही नहर में फेंक दिया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस द्वारा छह अन्य आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। उनमें से एक नाबालिग था।
आरोपी अपने परिजनों के संपर्क में नहीं थे
एसीपी अमन कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों के नाम मोस्टवांटेड अपराधियों के लिस्ट में सबसे ऊपर थे। आरोपी दंपती अपनी बेटी के साथ 13 साल से पहचान बदलकर रह रहे थे। दोनों आरोपी पुलिस की पकड़ में न आए इसलिए उन्होंने अपने परिजनों से संपर्क नहीं किया। इस कारण पुलिस आरोपियों तक पहुंच नहीं पा रही थी।