मैं पहलां वी दस्सेयां सी शोरी ते रिंपी मैनूं मरवा सकदे ने : करन मंगला
अकालियों पर व्यापारियों का बकाया, चुनावों के बाद नहीं चुकाया
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
मैं काफी दिन तों आपने पैसे लैण लई फेसबुक एंड व्हाट्सअप ते सीबीया, शोरी ते रिंपी वर्मा ते कमेंट कर रेहा मेरे पैसे दब गए। मैं पहलां वी दस्सेयां सी शोरी ते रिंपी मैनूं मरवा सकदे ने। या ता कोई झूठा पुलिस केस पवा सकदे। ओही गल्ल हो गई, हुण मेरे खिलाफ एसपी (हेडर्क्वाटर) साहिब कोल मेरे खिलाफ झूठा केस पवाण गे। यह व्हाट्सएप मैसेज बरनाला के सदर बाजार में हलवाई का कारोबार करने वाले युवा व्यापारी करन मंगला ने गत देर रात 11:25 बजे कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सबसे करीबी नेता केवल सिंह ढिल्लों के व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजे हैं। अपलोड मैसेज द्वारा जानकारी दी है कि अकाली नेता व्यापारियों के पैसे नहीं दे रहे बल्कि उसे मरवाना चाहते हैं। उसने यह भी लिखा है कि एहनां ने इक प्रेस वाले राम सिंह कोमल वी मरवा ता सी, हुन मैनूं वी एक गल ते पता लग गई है, जो वी एहनां दे खिलाफ बोलदा है या ते मरवा देंदे ने या झूठा पुलिस केस पवा देंदे ने।
दुकान से अढ़ाई लाख से ज्यादा के लड्डू खरीदे थे
पीड़ित युवा व्यापारी करन मंगला ने बताया है कि 2017 के दौरान हुए विधानसभा चुनावों में अकालियों की तरफ व्यापारियों का लाखों रुपये बकाया पेंडिंग है। जिसे देने के बजाय अकाली व्यापारियों के खिलाफ झूठे पुलिस मुकद्दमे दर्ज कराने या फिर उन्हें जान से ही मरवाने की तैयारी में हैं। उन्होंने बताया है कि जिले के अकाली नेताओं ने चुनावों के समय उसकी दुकान से अढ़ाई लाख से ज्यादा के लड्डू खरीदे थे जिनकी राशि का भुगतान करने की बजाय उसे झूठे केस में फंसाया जा रहा है। पीड़ित व्यापारी ने बताया है कि वह अपनी अढ़ाई लाख की रकम वापस लेने के लिए शिअद के वरिष्ठ नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल, सुखदेव सिंह ढींढसा, सिकंदर सिंह मलूका, दलजीत सिंह चीमा, बरनाला के जिला प्रधान कुलवंत सिंह कांता समेत कई नेताओं के ध्यान में मामला ला चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि अगर उसे इंसाफ पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट भी जाना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेगा। वह अकालियों के चेहरे नंगे करके ही दम लेगा।
कुल सात लाख रुपये पेंडिंग है
पीड़ित करन मंगला ने बताया कि विगत चुनावों के दौरान उसके पास अकाली नेता शोरी व रिंपी आए थे। जिन्होंने उसकी दुकान से जनवरी 2017-फरवरी 2017 के बीच 2 लाख 56 हजार 350 रुपये के लड्डू मंगवाए थे। उसने यह भी बताया कि अकाली नेताओं की तरफ एक डीजे सिस्टम वाले का करीब एक लाख रुपये बकाया है। एक करियाना वाले का 45 हजार रुपये, दो होटल/रेस्तरां वालों का करीब 60 हजार रुपये और एक टेंट हाउस वाले का करीब एक लाख रुपये समेत कुल सात लाख रुपये पेंडिंग है। उसने कहा कि सभी व्यापारियों को कहा गया था कि चुनावों के तुरंत बाद सभी की रकम यहां एक उद्योगपति चुका देंगे। जिन्हें अकाली दल ने टिकट दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना टिकट कांग्रेस छोड़ कर आए संगरूर के सुरिंदरपाल सिंह सीबीया को दे दिया था।
सीबीया व शोरी ने फोन काटे, जीत पाल बोले-पार्टी कैंडिडेट जिम्मेदार
राजीव वर्मा उर्फ रिंपी का कहना है कि चुनावों के समय न तो हमारी ओर से किसी व्यापारी से खरीददारी की गई, न ही कोई जिम्मेदारी ली गई। लेनदेन के बारे में सीबीया एवं उनके रिश्तेदार जीत पाल सिंह जिम्मेदार हैं। व्यापारी हमें बदनाम कर रहे हैं। जिसके बाद हमें एसएसपी का दरवाजा खटखटाना पड़ा। जीत पाल सिंह ने बताया कि पार्टी ने मेरी जो ड्यूटी लगाई थी उसे ईमानदारी से निभाई। सभी लोगों को रोजाना पैसे दिए जाते रहे हैं। अगर किसी के बकाया रह गए हैं तो उसके लिए पार्टी कैंडिडेट जिम्मेदार हैं।
शिकायत आएगी तो कार्रवाई करेंगे: एसएसपी
एसएसपी बरनाला हरजीत सिंह का कहना है कि किसी पीड़ित के वायरल व्हाट्सअप मैसेज पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। उनके पास किसी करन मंगला नामक व्यापारी की ओर से शिकायत नहीं पहुंची। शिकायत मिलने पर ही मामले की
जांच पड़ताल की जाएगी।